प्रत्याशियों के मतगणना अभिकर्ताओं को बताई गईं गणना संबंधी बारीकियां

 डाक मत पत्र निरस्त होने के कारण बताए और ईवीएम में दर्ज मतों की प्रक्रिया भी समझाई

प्रत्याशियों के मतगणना अभिकर्ताओं को बताई गईं गणना संबंधी बारीकियां

ग्वालियर। डाक मत पत्र व सेवा मत पत्र किन त्रुटियों के कारण निरस्त होगा और कब वैध माना जायेगा। ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती की प्रक्रिया किस प्रकार होगी। मतगणना से संबंधित यह बातें शुक्रवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार सिंह की मौजूदगी में जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशियों के मतगणना अभिकर्ताओं को प्रशिक्षण के दौरान बताई गईं। साथ ही मतगणना के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर भी विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण के दौरान गणना अभिकर्ताओं की शंकाओं का समाधान भी किया गया।

दरअसल, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्वालियर जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना तीन दिसम्बर को एमएलबी कॉलेज में होगी। इसी को लेकर शुक्रवार को यहाँ जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में मतगणना अभिकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल, जिला पंचायत सीईओ एवं मतगणना व्यवस्था अधिकारी विवेक कुमार, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारी एवं राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर एसबी ओझा मौजूद रहे।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना अभिकर्ताओं से कहा कि सभी मतगणना अभिकर्ता मतगणना हॉल के अंदर अपने निर्धारित स्थान पर बैठें और आयोग के निर्देशों का पालन करें। निर्देशों की अवहेलना पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतगणना के संबंध में अंतिम निर्णय रिटर्निंग ऑफीसर और निर्वाचन प्रेक्षक का रहेगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल ने कहा कि मतगणना दिवस को एमएलबी कॉलेज एवं उसके आस-पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। वैध पासधारियों को ही मतगणना परिसर में प्रवेश दिया जायेगा। सभी प्रवेश द्वारों पर सभी की बारीकी से जाँच की जायेगी। उन्होंने कहा कि गणना एजेंट भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करें और कोई भी प्रतिबंधित सामग्री साथ में लेकर न आएँ।

मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू इत्यादि प्रतिबंधित रहेंगे
मतगणना परिसर में मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट, माचिस, तम्बाकू व खाद्य पदार्थ प्रतिबंधित रहेंगे। दोनों प्रवेश द्वारों पर व्यक्तिश: इसकी सघन जाँच की जायेगी। सभी अभिकर्ताओं से कहा गया कि वे गणना के दिन उक्त सामग्री लेकर न आएं।

पहले डाक मत पत्रों की गिनती शुरू होगी
प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत 3 दिसम्बर को प्रात: 8 बजे पहले डाक मत पत्रों एवं सेवा मतदाताओं द्वारा भेजे गए मतों की गिनती शुरू होगी। इसके आधा घंटे बाद ईवीएम (इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन) के वोटों की गिनती शुरू होगी। दोनों प्रकार के मतों की गिनती समानान्तर रूप से जारी रह सकेगी।

डाक मत पत्र अस्वीकृत होने के कारण बताए
राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर एसबी ओझा ने डाक मत पत्र निरस्त होने से संबंधित कारणों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी को मत नहीं दिया गया हो, एक से अधिक उम्मीदवारों को मत दिया हो, मत पत्र नकली अथवा विकृत हो व मत पत्र निर्धारित लिफाफे में नहीं हो तो डाक मत पत्र निरस्त माना जायेगा। साथ ही यदि निर्वाचक की पहचान स्थापित हो रही हो, घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर न हों, घोषणा पत्र प्रमाणित न हो, घोषणा पत्र नहीं हो इत्यादि कारणों से भी डाक मत पत्र अस्वीकृत माना जायेगा। घोषणा पर अंकित डाक मत पत्र क्रमांक एवं मत पत्र के लिफाफे पर अंकित मत पत्र क्रमांक में भिन्नता होने पर भी डाक मत पत्र अस्वीकृत माना जायेगा।

इन परिस्थितियों में डाक मत पत्र मान्य होगा
प्रशिक्षण में बताया गया कि कोई भी मतांकन का चिन्ह होने पर डाक मत पत्र मान्य होगा। साथ ही चिन्ह से स्पष्ट हो कि वह किसे मत देना चाहता है। प्रत्याशी के नियत स्थान पर कहीं भी मतांकन किया हो। एक ही प्रत्याशी के नियत स्थान पर एक से अधिक बार मतांकन किया हो एवं मतांकन का चिन्ह स्पष्ट हो। तो भी डाक मत पत्र मान्य किया जायेगा।

इन स्थितियों में होगी वीवीपैट की पर्चियों की गिनती
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि हर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में किन्ही पाँच मतदान केन्द्र के वीवीपैट की पर्चियों की गिनती रेण्डम रूप से अनिवार्यत: की जायेगी। यदि बैटरी बदलने के बाबजूद ईवीएम (कंट्रोल यूनिट) पर डिस्प्ले दिखाई नहीं देता है तो उस ईवीएम के वीवीपैट की पर्चियों की गिनती होगी। इसी तरह यदि किसी मतदान केन्द्र पर मॉक पोल के बाद वोटों को क्लीयर न कर वास्तविक मतदान प्रारंभ कर दिया होगा तो ऐसी स्थिति में भी वीवीपैट की पर्चियों की गणना उस स्थिति में होगी, जब जीत का अंतर उस मतदान केन्द्र पर डाले गए मतों से कम हो। इसके अलावा यदि अभ्यर्थी द्वारा किसी मतदान केन्द्र के वीवीपैट की पर्चियाँ गिनने की मांग की जाती है तो मांग जायज होने पर संबंधित रिटर्निंग अधिकारी निर्णय लेंगे।

 

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