वैदिक सनातन संस्कृति के चार वेद आधार ग्रंथ : संजय याज्ञिक

 महर्षि देव दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जन्म जयंती व आर्य समाज मंडी बांस मुरादाबाद के 145 वें वार्षिकोत्सव के शुभ अवसर पर कार्यक्रम जारी

वैदिक सनातन संस्कृति के चार वेद आधार ग्रंथ : संजय याज्ञिक

मुरादाबाद। महर्षि देव दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जन्म जयंती व आर्य समाज मंडी बांस मुरादाबाद के 145वें वार्षिकोत्सव के शुभ अवसर पर जारी कार्यक्रम के चतुर्थ दिन बुधवार को विभिन्न सत्रों में आयोजन सम्पन्न हुए।कार्यक्रम का शुभारम्भ बसंत पंचमी के अवसर पर वेद मंत्रों से यज्ञ करके किया गया। तत्पश्चात आर्य जगत के प्रख्यात भजनोपदेशक पंडित अजय आर्य ने ईश्वर भक्ति के भजनों से बताया कि इस ब्रह्मांड में 33 कोटि देवता होते हैं। जिनमें आठ वसु, ग्यारह रूद्र, बारह आदित्य, एक इंद्र और एक प्रजापति हैं।

उन्होंने अपने भजनों के माध्यम से आपने विस्तार से बताया और भक्तिमय वातावरण बना दिया।वैदिक विद्वान आचार्य संजय याज्ञिक ने कहा कि वैदिक सनातन संस्कृति के चार वेद आधार ग्रंथ हैं। जिनमें ऋग्वेद यजुर्वेद सामवेद और अथर्ववेद। चारों वेदों का ज्ञान सृष्टि के आरंभ में पूर्ण ज्ञानवान परमेश्वर ने क्रमशःचार ऋषियों अग्नि, वायु, आदित्य, अंगिरा को दिया। इन वेदों का स्वाध्याय करके और वेदों के मार्ग पर चलकर हम अपने जीवन में धर्म, संस्कार और अपनी संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ और सार्थक कर सकते हैं। कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्था के मंत्री डा. मनोज आर्य ने किया।

इस अवसर पर महायज्ञ, भक्ति संगीत एवं वेद प्रवचन से कार्यक्रम का भक्तिमय आयोजन किया गया। अध्यक्षता शांति स्वरूप वार्ष्णेय ने की। प्रधान निर्मल आर्य ने सभी को वैदिक सन्देश दिया।इस अवसर पर प्रधान निर्मल आर्य, मंत्री डा. मनोज आर्य, अरविन्द आर्यबन्धु, नवनीत रस्तोगी, अजब सिंह, चंद्रकिरण आर्य, प्रीता आर्य, अखिलेश रस्तोगी, विनीत रस्तोगी, अतुल गुप्ता, डा.राम मुनि, पीयूष रस्तोगी, गायत्री गुप्ता, सुमन रस्तोगी, रश्मि रस्तोगी, रीतु रस्तोगी, साधना आर्य, डॉ. अभय सोती, जितेंद्र आर्य, पूनम रस्तोगी, चित्रा रस्तोगी, सजल रस्तोगी आदि मौजूद रहे।

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