देवा में बोर्ड परीक्षा के छात्र-छात्राओं हेतु मनोचिकित्सकीय कार्यशाला का आयोजन

देवा में बोर्ड परीक्षा के छात्र-छात्राओं हेतु मनोचिकित्सकीय कार्यशाला का आयोजन

अयोध्या। संस्कारित शिक्षा, सुरक्षा, सुविधा और अनुशासन के साथ समग्र विकास हेतु समर्पित उसरू-अमौना, अयोध्या स्थित देवा इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षाओं के ठीक पहले कक्षा 10वीं तथा 12वीं के छात्र-छात्राओं हेतु  मनोचिकित्सक  कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य सहभागिता जिला चिकित्सालय अयोध्या के मनोचिकित्सक डॉक्टर आलोक मनदर्शन द्वारा की गई।मुख्य अतिथि व मनोचिकित्सक डॉ आलोक मनदर्शन, विद्यालय प्रबंधक सहदेव उपाध्याय व प्रधानाचार्या नमिता मिश्रा नें मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। मंच संचालक शिक्षक घनश्याम यादव ने अतिथि, विद्यालय प्रबंधक, प्रधानाचार्य व उपस्थित शिक्षकों का अभिवादन किया। कार्यशाला में मुख्य भूमिका निभाते हुए मनोचिकित्सक डॉक्टर आलोक मनदर्शन ने सभी छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से स्वस्थ व शांत रहने का परामर्श देते हुए कहा कि भावनात्मक रूप से कमजोर बच्चों में एग्जाम फोबिया होता है। बौद्धिक क्षमता अच्छी होने के बावजूद घबराहट, लापरवाही सबसे घातक है। परीक्षा से डरना नहीं चाहिए।
 
परीक्षा से डरना होपलेसनेस ,हेल्पलेस, और वर्थलेसनेस जैसे घातक विचारों को मानसिक प्रबलता प्रदान करता है। यह विचार जीवन के लिए आत्म घातक होते हैं। अतः हमें परीक्षाओं के समय शरीर व दिमाग को शांत रखते हुए व अपनी पूरी दिनचर्या सामान्य रूप से बिताते हुए पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। अनावश्यक दबाव दिमाग पर नहीं डालना चाहिए। भावनात्मक रूप से हम तभी आगे बढ़ेंगे जब मेंटली व इमोशनली हम स्ट्रांग रहेंगे। रेट्रो इवोल्यूशन सिंड्रोम यानी परीक्षा देने के बाद की जाने वाली गुणा भाग गणित आदि से बचना चाहिए। यह आपके समय को बचाएगा तथा अगली परीक्षा के लिए आपको किसी भी तरह की सकारात्मकता प्रदान करते हुए उचित समय प्रदान करेगा।
 
इस अवसर पर कार्यशाला में छात्र-छात्राओं क्रमशः शिवांशी सिंह, विशाल, आनंद कुमार, रागिनीबाला आदि ने अपनी समस्या संबंधी प्रश्न पूछे तथा उनके सकारात्मक उत्तर प्राप्त किए। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक सहदेव उपाध्याय ने कार्यशाला के सफल संचालन हेतु समस्त शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए मनोचिकित्सक डॉक्टर आलोक मनदर्शन को धन्यवाद प्रेषित किया व कहा कि आपके मार्गदर्शन से छात्र छात्राओं नें मानसिक ऊर्जा प्राप्त की है। जो बच्चों की बोर्ड परीक्षा हेतु अत्यंत आवश्यक है। मैं आशा करता हूं कि सभी छात्र-छात्राएं इस कार्यशाला का समुचित लाभ उठाते हुए बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा करने का सफल प्रयास करेंगे वह सफलता अर्जित करेंगे।
 
शिक्षक सीता शरण मिश्र ने बोर्ड परीक्षा की सभी बारीकियों से छात्र-छात्राओं को अवगत कराते हुए कहा की परीक्षा या प्रश्न पत्र से नर्वस नहीं होना चाहिए तथा अपना रोल नंबर बहुत ध्यानपूर्वक लिखना चाहिए। प्रधानाचार्या नमिता मिश्रा ने सभी छात्र-छात्राओं को परीक्षा के दिन के ठीक पहले अपनी तैयारी, सभी सामग्री को व्यवस्थित ढंग से रखने तथा यूनिफॉर्म में स्कूल जाने, नर्वस ना होने, टाइम मैनेजमेंट को समझने तथा रोल नंबर को ध्यान पूर्वक लिखने आदि संबंधी आवश्यक जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यालय उप प्रबंधक अजय उपाध्याय, कोऑर्डिनेटर रीतू त्रिपाठी व शिक्षक कमलेश श्रीवास्तव सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे।
 
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