पाकिस्तान में त्रिशंकु संसद के आसार 

पाकिस्तान में त्रिशंकु संसद के आसार 

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के आम चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के मद्देनजर सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने गठबंधन सरकार बनाने के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के आह्वान का समर्थन किया. कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक काकड़ ने कहा कि उन्हें देश में गठबंधन सरकार बनने की उम्मीद है.

त्रिशंकु संसद के आसार के बीच गठबंधन सरकार बनाने के प्रयासों को तब गति मिली जब शरीफ ने शुक्रवार को प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों से पाकिस्तान को मौजूदा कठिनाइयों से बाहर निकालने के लिए हाथ मिलाने की अपील की. माना जाता है कि शरीफ को शक्तिशाली सेना का समर्थन प्राप्त है.

सबको हैरान करते हुए, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने गुरुवार के चुनाव में नेशनल असेंबली में 100 सीटों पर जीत हासिल की है.

पाकिस्तान चुनाव आयोग द्वारा 265 में से 255 सीटों के घोषित परिणाम के अनुसार पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने 73, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने 54 और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) ने 17 सीट पर जीत हासिल की है. अन्य 11 सीटों पर छोटे दलों को जीत मिली है.

सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को नेशनल असेंबली में 265 में से 133 सीटें जीतनी होंगी. एक उम्मीदवार की मौत के बाद एक सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था. कुल मिलाकर, साधारण बहुमत हासिल करने के लिए 336 में से 169 सीटों की आवश्यकता है, जिसमें महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित सीटें भी शामिल हैं.

मतगणना अब भी जारी है. देश में गुरुवार को चुनाव धांधली के आरोप, छिटपुट हिंसा और मोबाइल इंटरनेट बंद रहने के बीच कराए गए थे.

जनरल मुनीर के हवाले से एक बयान में कहा गया, ‘‘राष्ट्रीय उद्देश्य से जुड़ी सभी लोकतांत्रिक ताकतों की एकीकृत सरकार द्वारा पाकिस्तान की विविध राजनीति और बहुलवाद का अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व किया जाएगा.'' उन्होंने कहा कि चुनाव और लोकतंत्र पाकिस्तान के लोगों की सेवा करने के साधन हैं.

पाकिस्तान में सेना को काफी शक्तिशाली माना जाता है, जिसने पिछले 75 से अधिक वर्षों में आधे से अधिक समय तक शासन किया है.

बयान में कहा गया, ‘‘25 करोड़ लोगों के प्रगतिशील देश को अराजकता और ध्रुवीकरण की राजनीति से आगे बढ़ने के लिए स्थिर हाथों में सौंपने और मरहम लगाने की आवश्यकता है. चुनाव जीत और हार की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि जनादेश को निर्धारित करने की एक कवायद है.''

सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों ने संविधान में अपना भरोसा जताया है और अब यह ‘‘सभी राजनीतिक दलों पर निर्भर है कि वे राजनीतिक परिपक्वता और एकजुटता के साथ इसका जवाब दें.''

 

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