चार दिनों के अंदर ब्लाइंड हत्याकांड का पुलिस ने किया उद्वेदन

चार दिनों के अंदर ब्लाइंड हत्याकांड का पुलिस ने किया उद्वेदन

गोपालगंज। मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में 4 फरवरी को मिली एक अज्ञात युवती के शव को लेकर चार दिनों के अंदर ही पुलिस ने इस हत्याकांड का उद्वेदन कर दिया।चुकी काफी रहस्यमय तरीके से हत्याकांड की घटना को अंजाम दिया गया था। क्योंकि मृत युवती की पहचान भी नहीं हो पा रही थी इस वजह से पुलिस को कातिलों तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा परंतु पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने आज प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि घटनास्थल पर अपराधियों के द्वारा एक ऐसा सुराग छोड़ दिया गया था जिसके वजह से पुलिस के हाथ आरोपियों के गिरेबान तक पहुंच गए और चार दिनों के अंदर ही पुलिस ने सफलतापूर्वक तरीके से इस हत्याकांड में शामिल पांच लोगों में से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के संदर्भ में पूछताछ के बाद जो बात सामने आई है उसमें इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी गुलशन यादव जो उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का रहने वाला है और गोपालगंज के मोहम्मदपुर में ही बालू की ट्रक पर ड्राइवर का काम करता था इसके बड़े भाई से मृत युवती का प्रेम प्रसंग चल रहा था इसको लेकर मृत युवती के द्वारा आरोपी के बड़े भाई रमेश यादव से लगातार शादी करने को लेकर दबाव बनाया जा रहा था और इसी से परेशान होकर गुलशन यादव ने इस पूरे हत्याकांड की साजिश को रचा। मृतिका भी उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी और आरोपी गुलशन यादव ने इस युवती को उत्तर प्रदेश से मोहम्मदपुर बुलाया और जब लड़की यहां आई तो गुलशन यादव ने अपने चार साथियों के सहयोग से युवती को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और शव को गेहूं के खेत में फेंक कर फरार हो गए इस घटना में गुलशन यादव के साथ मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के टेकनिवास गांव के रहने वाले पवन कुमार और चंदन कुमार कुशवाहा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है इस कांड में दो और लोग शामिल हैं जो फरार हैं और पुलिस अब उनको भी गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के पास से देसी कट्टा जिंदा कारतूस और खोखा तथा मोबाइल फोन और जिस स्कॉर्पियो गाड़ी का इस्तेमाल इस हत्याकांड के दौरान किया गया था उसको भी पुलिस ने बरामद कर लिया है वही इस कांड के उद्वेदन में सदर एसडीपीओ प्रांजल कुमार के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया था जिसमें साइबर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक कलश कुमार शामिल थे और उनकी सक्रियता से अपराधियों को पकड़ा गया पुलिस अधीक्षक ने एसआईटी की टीम को ₹10000 रिवॉर्ड देने का भी आदेश दिया है उन्होंने कहा कि चुकी यह केस काफी पेचीदा था अमृत लड़की की पहचान नहीं हो पा रही थी ऐसे में इस कांड का उद्वेदन करना काफी कठिन था और मात्र चार दिनों के अंदर पुलिस ने इस कांड का उद्वेदन किया और अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया यह काफी काबिले तारीफ है और इसलिए पुलिस के टीम को सम्मानित किया जाएगा इन्हें 10000 का रिवॉर्ड भी दिया जा रहा है।
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