पीजीआई अंग्रेजी पाठ्यक्रम पर आधारित हुई कार्यशाला 

पीजीआई अंग्रेजी पाठ्यक्रम पर आधारित हुई कार्यशाला 

लखनऊ। अंग्रेजी पाठयक्रम पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया।गुरुवार को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने मिशन निरामया, यूपी राज्य चिकित्सा संकाय और जेएच पी आईईजीओ  द्वारा समर्थित ओईटी व्यावसायिक अंग्रेजी टेस्ट के साथ-साथ एबेक हेल्थकेयर के सहयोग से हेल्थ केयर इंग्लिश का महत्व -कक्षा से एम कार्य स्थल तक" सीवी रमन ऑडिटोरियम में एक कार्यशाला की का आयोजन किया।जिसे शबाना खातून, एसोसिएट प्रोफेसर कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा किया गया था। इसका उद्घाटन एसजीपीजीआई के कार्यकारी रजिस्ट्रार कर्नल वरुण बाजपेयी ने किया। डॉ. नीतू देवी, नर्सिंग सलाहकार, यूपीएसएमएफ ने मुख्य भाषण दिया। प्रिंसिपल, नर्सिंग कॉलेज ने सभा का स्वागत किया।
 
जिसमें पैनल चर्चाओं में स्वास्थ्य देखभाल संचार में सुधार और सुदृढ़ीकरण, विकास के लिए अंग्रेजी - नौकरी के अवसर - घरेलू और वैश्विक अवसर पहला पैनल वर्तमान अंग्रेजी पाठ्यक्रम, उद्योग की प्रतिक्रिया और नर्सिंग संदर्भ में एक संरचित और प्रगतिशील अंग्रेजी पाठ्यक्रम की आवश्यकता पर केंद्रित था। दूसरे पैनल ने घरेलू और वैश्विक अवसरों, कौशल अंतर, सामाजिक प्रभाव और नैतिक आप्रवासन के लाभों पर चर्चा की। इसमें विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के प्राचार्यों और वरिष्ठ कर्मचारियों ने भाग लिया।
 
पैनलिस्टों में श्री डेविड विल्टशायर, प्रधान शिक्षा सलाहकार, ओईटी, कर्नल वरुण बाजपेयी, कार्यकारी रजिस्ट्रार, एसजीपीजीआई, डॉ. नेसा सत्य साची, प्रिंसिपल, अपोलो कॉलेज ऑफ नर्सिंग, चेन्नई, कर्नल बीनू शर्मा, नर्सिंग निदेशक, मैक्स हेल्थकेयर अस्पताल  नई दिल्ली, डॉ. भावना बख्शी, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, जेएचपीईआईजीओ, प्रोफेसर लावण्या नंदन, निदेशक और प्रिंसिपल, नाइटिंगेल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, नोएडा, डॉ. दीप्ति शुक्ला, प्रिंसिपल, समर्पण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडियल साइंसेज लखनऊ, श्रीमती प्रीसीला फर्नांडीस , नर्सिंग निदेशक, मेदांता लखनऊ, डॉ. नीतू देवी, नर्सिंग सलाहकार, यूपीएसएमएफ और श्रीकांतन, गोबालाकृष्ण, अध्यक्ष, ईबेक शामिल थे।
 
दोपहर के सत्र में श्री डेविड विल्टशायर, ओईटी द्वारा आयोजित ओईटी पर एक सेमिनार था। ओईटी, दक्षिण एशिया से शकैना मोगुल और प्रकृति दास ने सेमिनार में सहायता की। इस सेमिनार में यूपी राज्य के विभिन्न कॉलेजों से 400 से अधिक नर्सिंग छात्रों और नर्सिंग अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि, निदेशक प्रो. आरके धीमन ने छात्रों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें कार्यशाला से सीखने की सलाह दी। डीन प्रोफेसर शालीन कुमार ने स्वास्थ्य सेवा उद्योग में संचार और कौशल के महत्व पर जोर दिया। कर्नल वरुण बाजपेयी ने वैश्विक मांगों के बारे में बात की और बताया कि कैसे यूपी राज्य अपने स्वास्थ्य पेशेवरों की कमी को दूर करने के लिए उन्हें तैयार कर सकता है।
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