सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ चुनाव में हेराफेरी को ले कहा ये लोकतंत्र की हत्या है : आसिफ सैफी

भाजपा को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने अपने फैसले में कहा जरूरत पड़ी तो दोबारा चुनाव कराए जा सकते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ चुनाव में हेराफेरी को ले कहा ये लोकतंत्र की हत्या है : आसिफ सैफी

गाजियाबाद, (तरूणमित्र) इस बार भारत जोड़ो न्याय यात्रा और पीडीए की मुहिम संजीवनी बूटी होगी साबित..समय-समय की बात होती है बक्त सबका बदलता है इसलिए इंसान को इस बात से बेखबर नहीं रहना चाहिए, ऐसा प्रतीत होता है कि इस बार भारत जोड़ो न्याय यात्रा और पीडीए संजीवनी बूटी साबित होने वाली है, खैर जो भी हो परन्तु चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में भाजपा ने अपना मेयर तो बनाया लेकिन इसका विरोध विपक्षियों ने इस कदर किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए वाजिब फैसला किया और हक बात करते हुए कहा कि इस तरह से हम लोकतंत्र का मजाक होते नहीं देख सकते और इस तरह से लोकतंत्र की हत्या करने की इजाजत भी नहीं दे सकते। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक नोटिस जारी किया और एक हफ्ते में कथित रूप से वोटों को रद्द होने वाली वीडियो पेश करने को कहा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर दोबारा चुनाव कराए जा सकते हैं। बता दें कि तीन जजों वाली बेंच ने इस मामले को गंभीरता से लिया है, अब सोचिये इस बात को देखते हुए इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव में क्या होने वाला है इन सब बातों का जिक्र करते हुए गाजियाबाद के यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आसिफ सैफी ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रकाशित हिंदी दैनिक तरूणमित्र संवाददाता से बात करते हुए कहा कि भाजपा अपने जाल में पूरी तरह से फंस चुकी है जिसका जीता जागता उदाहरण सभी के सामने चंडीगढ़ चुनाव है, उन्होंने कहा कि मैं माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कह रहा हूँ कि कोर्ट ने अपने फैसले में वही किया जो वास्तविकता थी, आसिफ कहते हैं कि देश का पहला प्रधानसेवक ऐसा बना जिसने देश को ही बेच खाया, आसिफ ने यह भी कहा कि अगर 2024 में ईवीएम मशीनों से वोट नहीं पड़े तो भाजपा सरकार जानती है कि उसका खेल खत्म हो जाएगा, उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे देश के सम्मानित वकील ईवीएम मशीनों का विरोध कर रहे हैं और अब इसमें आमजन मानस का सहयोग भी पूर्ण रूप से समर्पित हो रहा है इस बात से ये संकेत मिल रहे हैं कि सब समझ चुके हैं कि ईवीएम हटी और भाजपा के साथ दुर्घटना घटी मतलब साफ है कि ईवीएम हैक कर जनता के कीमती वोटों से राज करने के लिए भाजपाई किसी भी हद तक जा सकते हैं, उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो भाजपा को देश के वकीलों और आमजन मानस का सम्मान करते हुए वोट बैलट पेपर से डलवाने में संकोच नहीं करना चाहिए, चूंकि "जब कर नहीं तो डर नहीं" और इसमें चुनाव आयोग को भी अपनी सहमति जताना चाहिए, परन्तु ऐसा न होना इस बात की पुष्टि कर रहा है कि भाजपा ईवीएम हैक करके ही जबर्दस्ती सरकार बनाने में कामयाबी हासिल कर देश की तरक्की होने देना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि अब पाप का घड़ा भर चुका है इसलिए इस पाप के घड़े का बस फूटना ही बाकी है, जिसका समय आ चुका है। यूथ अध्यक्ष आसिफ सैफी ने कहा कि ईवीएम के विरोध में कांग्रेस पार्टी और पीडीए देश के सम्मानित वकीलों के साथ हर मोर्चे पर खड़ी है और इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव में बैलट पेपर से ही चुनाव कराए जाएंगे।

Tags:

About The Author

Latest News