नीतीश सरकार और एनडीए के बजाए अपना अस्तित्व बचाने की फ़िक्र करें परिवारवादी दलः राजीव रंजन

नीतीश सरकार और एनडीए के बजाए अपना अस्तित्व बचाने की फ़िक्र करें परिवारवादी दलः राजीव रंजन

राजद-कांग्रेस को निशाने पर लेते जदयू प्रवक्ता ने कहा कि एक तरफ नीतीश सरकार के नेतृत्व में एनडीए विकास कार्यों में लग चुकी है लेकिन परिवारवादी दलों का रोना अभी भी समाप्त नहीं हुआ हैै। इनकी खुद की नाव डूब रही है लेकिन यह नीतीश सरकार के साथ खेला करने की चिंता में दुबले हुए जा रहे हैं। इन्हें यह तक समझ में नहीं आ रहा है कि श्री नीतीश कुमार के हटने से इंडी गठबंधन के अस्तित्व पर ग्रहण लग चुका है। इनके सहयोगी आपसी सिरफुटौव्वल में व्यस्त हो चुके हैं और इनकी रही-सही साख भी राख बन चुकी है। पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार में इन्हें जैसे-तैसे एक सीट मिल गयी थी लेकिन इस चुनाव में इनका सूपड़ा साफ़ हो जाएगा।  

कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि इस चुनाव में सबसे बुरी गत कांग्रेस की बनने वाली है। देश पर जबर्दस्ती परिवारवाद थोपने की उनकी जिद उन्हें कहीं का नहीं छोड़ेगी। लोग देख रहे हैं कि एनडीए में जहां साफ छवि एवं जनता के हित में काम करने वाले नेताओं का जमावड़ा है, वहीं इंडी एलायंस में परिवार की पालकी उठाने की एकमात्र योग्यता रखने वाले दागी एवं भ्रष्टाचारियों का बोलबाला है। इसीलिए देश की अधिकांश जनता जहां पहले से ही एनडीए सरकार के साथ थी, वहीं अब श्री नीतीश कुमार के साथ आने से इंडी गठबंधन के भी अधिकांश समर्थक एनडीए के पाले में आ चुके हैं। राहुल की न्याय यात्रा में एनडीए के समर्थन में लग रहे नारे इसी का जीवंत प्रमाण है।
 
भविष्यवाणी करते हुए जदयू प्रवक्ता ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में एक तरफ एनडीए जहां 400 से अधिक सीटों के साथ जीत का कीर्तिमान स्थापित करेगी वहीं इंडी एलायंस हार का नया रिकॉर्ड बनाएगी। इंडी एलायंस जहां एक-एक वोट के लिए तरसेगी वहीं राजद-कांग्रेस और सपा जैसे दलों का तो अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। जनता का मूड एनडीए के पक्ष में स्पष्ट है जिसे यह लोग अभी भांप नहीं पा रहे हैं।

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