आयोग गठन होने से फार्मेसी में होगा सुधार - सुनील यादव

सरकार को सुझाव भेजने की तैयारी में फार्मासिस्ट फेडरेशन

आयोग गठन होने से फार्मेसी में होगा सुधार - सुनील यादव

  • फार्मेसी काउंसिल होगी भंग गठित होगी फार्मेसी आयोग की राज्य शाखा
  • एक एडवाइजरी काउंसिल के साथ बनेंगे तीन बोर्ड
लखनऊ। प्रदेश में जल्द ही फार्मेसी आयोग की राज्य शाखा गठित करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए सरकार ने राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग का गठन कर जल्द ही उत्तर प्रदेश सहित सभी राज्यों में भी फार्मेसी काउंसिल के स्थान पर आयोग की शाखाएं गठित हो जाएंगी। इससे देश में फार्मेसी शिक्षा का विकास होगा फार्मेसी प्रोफेशन अत्यंत सुदृढ़ होगा और फार्मेसी के विकास के लिए नई नीतियां बना सकेंगे। यह जानकारी मंगलवार को फार्मेसी आयोग गठन पर प्रतिक्रिया देते हुए फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव दी।
 
उन्होंने बताया कि फेडरेशन की एक कमेटी "बिल" का पूरा अध्ययन कर रही है और जल्द ही भारत सरकार को अपना सुझाव प्रस्तुत करेगी । फेडरेशन चिकित्सा क्षेत्र में लगे हुए क्लिनिकल हॉस्पिटल फार्मासिस्ट और सामुदायिक फार्मासिस्टों का प्रतिनिधित्व भी आयोग में रखने का सुझाव देगी।
 
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा एक पब्लिक नोटिस जारी करते हुए "नेशनल फार्मेसी कमीशन बिल 2023 के संबंध में जनता से राय मांगी है,साथ ही नोटिस बीते 10 नवंबर को जारी की गई है।अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है । ड्राफ्ट जारी करते हुए कहा गया है कि पब्लिक द्वारा अपने कमेंट ईमेल के जरिए एक महीने के अंदर भेजा जाना है।ज्ञात हो कि बिल पास होने के उपरांत फार्मेसी काउंसिल समाप्त हो जाएगी और उसकी जगह पर राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग का गठन होगा जिसका सचिवालय नई दिल्ली में स्थापित होगा।
 
वहीं आयोग के गठन में कार्यकाल 4 साल का होगा, 65 साल से ऊपर के लोग चेयरपर्सन, मेंबर नहीं बनाए जाएंगे। मूलतः देश में गठित आयोग का उद्देश्य फार्मेसी शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण को मजबूत बनाना, देश के सभी हिस्सों में पर्याप्त और उच्च गुणवत्ता वाले फार्मेसी पेशेवरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जो न्यायसंगत, स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देगा। 
 
आयोग फार्मेसी संस्थानों का वस्तुनिष्ठ आवधिक और पारदर्शी मूल्यांकन करेगा और भारत के लिए फार्मेसी रजिस्टर के रखरखाव की सुविधा देगा और फार्मेसी सेवाओं के सभी पहलुओं में उच्च नैतिक मानकों को लागू कर बदलती जरूरतों के अनुकूल करेगा और इसमें एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र और उससे जुड़े या उसके प्रासंगिक मामलों के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र भी होगा।  भारत गणराज्य के चौहत्तरवें वर्ष में संसद द्वारा इसे अधिनियमित किया जाएगा: एक्ट का नाम "नेशनल फार्मेसी कमिशन एक्ट 2023" होगा। जो पूरे भारत में लागू होगा जिसे भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन में प्रकाशित किया जाएगा।
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