जनजातीय विवि के छात्रों ने जीएसटी के दाम जानने के लिए बनाया उपकरण, मिला पेटेंट

जनजातीय विवि के छात्रों ने जीएसटी के दाम जानने के लिए बनाया उपकरण, मिला पेटेंट

अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शैलेन्द्र सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में शोधार्थी अमित गुप्ता और अदिति सरावगी ने साथ मिलकर एक नया उपकरण तैयार किया है, जो सरकार द्वारा लगाए जा रहे टैक्स (कर) जीएसटी की जांच कर ग्राहकों द्वारा खरीदी जा रही वस्तुओं पर वह सरकार को कितना टैक्स दे रहे हैं, इसकी जानकारी देता है। प्रोफेसर भदौरिया ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह डिवाइस आम नागरिकों तक जीएसटी के दामों को समझने का नया रास्ता प्रस्तुत करता है। जिसके एल्गोरिथम पर हम काम कर रहें हैं, इस डिवाइस को भारत सरकार के पेटेंट ऑफिस में रजिस्टर्ड करा लिया गया है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाशमणि त्रिपाठी ने वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर शैलेंद्र सिंह भदौरिया और उनके शोधार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आम जनमानस में जीएसटी की समझ को बढ़ाना होगा। यदि इसे सामान्य भाषा में समझाया जाए तो यह अत्यंत उपयोगी होगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग और उनके छात्रों द्वारा छात्रों द्वारा बनाया गया उपकरण न सिर्फ आम जनता के लिए अपितु सरकार के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

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