एक रोडवेज बस में 208 यात्री, क्या यह संभव है!

-चालान पेपर में 100 यात्री दर्ज, टिकट लिया जा रहा 208 यात्रियों का
-अनधिकृत बस के यात्रियों को जाना था दिल्ली, भेज दिया लुधियाना
लखनऊ। अब इसे लखनऊ के स्थानीय रोडवेज प्रबंधन व उनके अधीनस्थ कर्मियों की चूक कहें या फिर कुछ और कि जिसे सुनकर सम्बन्धित ट्रांसपोर्टर से लेकर उस अनधिकृत बस में सवार यात्री तो हैरान हैं ही, अब इसका स्पष्ट जवाब खुद क्षेत्रीय रोडवेज प्रबंधन भी नहीं दे पा रहा कि आखिर एक रोडवेज बस में 208 यात्री कैसे बिठाये या फिर सवार किये जा सकते हैं। फिलहाल, लखनऊ रीजन के उपनगरीय डिपो के एआरएम कार्यालय से जो लिखित प्रपत्र आरटीओ लखनऊ को भेजा गया है उसमें तो यही दर्शाया गया है कि गत दिनों एक अनधिकृत बस के 208 सवारियों को लखनऊ से लुधियाना भेजा गया था जिसका किराया अब तीन लाख 39 हजार 816 रुपये हैं। जबकि गत 13 जून सुबह सात बजे के करीब परिवहन प्रवर्तन दल ने जिस बस संख्या बीआर11 पीबी0741 को सीज करते हुए उसमें सवारियों को उतारा था। इनके मुताबिक उसमें मौके पर उस समय 100 यात्री सवार थे जोकि चालान पेपर में भी बकायदा दर्ज है।
अब, मामला यहीं से फंस रहा है कि परिवहन विभाग का चालान पेपर तो यही दिखा रहा कि अनधिकृत बस में 100 यात्री थे, जबकि रोडवेज के उपनगरी डिपो प्रबंधन का कहना है कि कुल 208 यात्री थे और एक नहीं बल्कि अलग-अलग नंबरों की चार बसें लखनऊ से लुधियाना को भेजी गई थी। जिसका कुल किराया उपरोक्त में दर्शाया गया है। वहीं संबंधित ट्रांसपोर्टर की मानें तो उसे यह नहीं समझ आ रहा है कि आखिर जो बस पकड़ी गई उसमें सवारियों को बिहार के पूर्णिया से दिल्ली तक जाना था, लेकिन रोडवेज अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने चार बसें लुधियाना के लिये भेजीं। अब सवाल यह भी उठता है कि आखिर में जब सवारियों को दिल्ली तक जाना था, तो फिर निगम की बसों से जिन्हें लुधियाना भेजा गया उन यात्रियों का क्या कोई विवरण है। ऐसे में यही वाली कहावत चरितार्थ हो गई कि जाना था दिल्ली तो भेज दिया दौलताबाद…!

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‘मौके पर मैं नहीं था, चार बसें डिमांड की गर्इं तो उपनगरीय डिपो से भेज दिया गया। बकायदा चार जो बसें लुधियाना को भेजी गर्इं, उनकी ड्यूटी स्लिप भी है और उस पर चालक-परिचालक का नाम आदि भी दर्ज है। अब, एक बस में 208 यात्रियों वाले लेटर से जुड़ा क्या मामला है, यह मेरे संज्ञान में नहीं है।’
काशी प्रसाद, एआरएम उपनगरीय डिपो (लखनऊ डिपो)