दिल्ली- मुंबई सहित इन शहरों में बढ़ा 18% किराया

नई दिल्ली: देश के कई प्रमुख शहरों में एकाएक किरायों में काफी इजाफा हुआ है. एनारॉक के अनुसार, पिछले दो वर्षों में देश के सात प्रमुख शहरों की पॉश आवासीय कॉलोनियों में औसत मंथली किराया 8-18 प्रतिशत तक बढ़ा है. जबकि कैपिटल वैल्यू में 2-9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर), चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे सात शहरों में प्रॉपर्टी खरीदने और किराये पर लेने की मांग बढ़ी है. एनारॉक डेटा ने इन सात शहरों के चुनिंदा लक्जरी स्थानों में 2,000 वर्ग फुट के अपार्टमेंट का औसत मासिक किराया लिया है.

आंकड़ों के अनुसार, मुंबई के वर्ली में सबसे ज्यादा किराये में वृद्धि दर्ज की गई है. यहां 2,000 वर्ग फुट क्षेत्र के लक्जरी घरों के लिए 2020 में ₹2 लाख प्रति माह प्रति किराये के रूप में देना पड़ता था. वहीं, अब 18 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. अब उसी प्रोपर्टी के लिए ₹ 2.35 लाख प्रति माह किराया देना पड़ रहा है. वहीं, बेंगलुरु के राजाजी नगर में कैपिटल वैल्यू में 9 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. यहां 2020 में जिस प्रोपर्टी की कीमत ₹5,698 प्रति वर्ग फीट थी, अब 2022 में बढ़कर औसत कीमत ₹6,200 प्रति वर्ग फीट हो गई है.

कोरोना की दूसरी लहर में बढ़ी प्राथमिकताएं
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, “सबसे प्रमुख लक्जरी हाउसिंग बाजारों में पिछले दो वर्षों में किराये में दो अंकों की वृद्धि देखी गई है.” उन्होंने कहा, “प्री-कोविड, एक निश्चित समय में औसतन 2 साल के लक्ज़री रेंटल में वृद्धि काफी हद तक सिंगल-डिजिट थी, जो 5-7 प्रतिशत के बीच थी.” पुरी ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद किरायेदार की प्राथमिकताएं बड़े आकार के घरों की ओर ज्यादा बढ़ी हैं.

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जानें बेंगलुरु का औसत मासिक किराया
आंकड़ों के अनुसार, जेपी नगर, बेंगलुरु में औसत मासिक किराया 2022 में 2,000 वर्ग फुट क्षेत्र में 13 प्रतिशत बढ़कर 52,000 रुपये प्रति अपार्टमेंट हो गया, जबकि 2020 में 46,000 रुपये था. वहीं, कैपिटल वैल्यू 9 प्रतिशत बढ़कर 6,200 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया. इसी तरह चेन्नई के अन्ना नगर में औसत मासिक किराया 2,000 वर्ग फुट के लक्जरी फ्लैट के लिए ₹56,000 देना पड़ता था, जो 13 प्रतिशत बढ़कर ₹63,000 हो गया. जबकि कैपिटल वैल्यू 5 प्रतिशत बढ़कर 11,850 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया, जो पहले 11,300 रुपये प्रति वर्ग फुट था.