पटना में पप्पू यादव नजरबंद, कहा घर से ही करेंगे सत्याग्रह

पटना। जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना में मंदिरी स्थित उनके आवास पर धारा 107 के तहत नजरबंद कर दिया गया। पटना जिलाधिकारी के निर्देश पर पप्पू यादव को उनके घर पर नजरबंद किया गया।
पप्पू यादव के घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल को लगा दिया गया है। मौके पर कोतवाली एवं अन्य थाना के पुलिस पदाधिकारी और मजिस्ट्रेट भी पहुंचे हैं। मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में उन्हें नज़रबंदी का नोटिस थमाया।

पप्पू यादव ने आगामी 19 दिसंबर को बिहार बंद का एलान किया है। उससे पहले ही उनके ही आवास पर उन्हें नज़रबंद कर दिया गया है। पप्पू यादव ने कहा कि हमें 107 का नोटिस दिया गया है और बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। अब बाहर निकलने के लिए भी हमें इजाजत लेनी पड़ेगी। पप्पू यादव ने कहा कि हमारी नजरबन्दी लोकतंत्र पर हमला है। जब हम अपने राज्य में अपने देश में नहीं घूम सकते, अपने लोगों से नहीं मिल सकते तो यह कैसा लोकतंत्र है। एक तरफ तो सरकार, मुज्जफरपुर बालिका गृह कांड के अभियुक्तों को बचा रही है, वहीं मुझको मुज्जफरपुर जाने से रोक रही है।

पप्पू यादव ने कहा कि सरकार भले ही मुझे जेल में डाल दे लेकिन मैं बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाता रहूंगा। यह तानाशाही है और जन अधिकार पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है। हम आने वाले 19 दिसंबर के बिहार बंद को सफल बनाएंगे।

जनाधिकार पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेमचंद्र सिंह ने कहा कि देश में भाजपा की सरकार नफरत फैला कर गुलामी की तरफ ले जाना चाह रही है। लोगों को नज़रबंद कर लोकतंत्र की आवाज को दबा रही है। हमारी पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव की गिरफ़्तारी सरकार के दमनकारी नीतियों का परिणाम है। नजरबंद होने के बाद पप्पू यादव अपने आवास पर पार्टी नेता रघुपति प्रसाद सिंह (प्रदेश अध्यक्ष), अख़लाक़ अहमद, एजाज अहमद, नवल किशोर यादव, अकबर अली, नारायण सहनी, एवं ई विशाल सहित कई नेताओं के साथ धरने पर बैठे हैं।

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