Tarun Mitra | तरुण मित्र http://www.tarunmitra.in Best Hindi News Paper and News Portal of India Sun, 25 Feb 2018 08:55:40 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=4.9.4 मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड में निकली वैकेंसी, ऐसे करें आवेदन… http://www.tarunmitra.in/archives/57671 Sun, 25 Feb 2018 08:55:40 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57671 Published at :25th February, 2018, 2:25 PM

उम्‍मीदवार अपना आवेदन 22 मार्च 2018 तक कर सकते है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड महाराष्ट्र ने जनरल मैनेजर पदों की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्‍छुक उम्‍मीदवार जो राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला में नौकरी करना चाहते है तो ये उनके लिए सुनहरा मौका है। योग्‍य उम्‍मीदवार भर्ती जल्‍द आवेदन करें। भर्ती में उम्‍मीदवारों की आयु सीमा योग्‍यता व अन्‍य जानकारी के नीचे प्रारुप में देख सकते है।

विभाग का नाम – मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड

पद का नाम – जनरल मैनेजर – फाइनेंस

पदों की संख्या – 02 पद

योग्यता – स्नातक डिग्री + आईसीएआई का मेंबर हो / एमबीए (फाइनेंस) + 18 साल का एक्सपीरियंस अथवा इसके समकक्ष डिग्री हो।

आवेदन की अंतिम तिथि – 22-03-2018

आयु सीमा – उम्मीदवार की आयु 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

चयन प्रक्रिया – उम्‍मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग और इंटरव्यू में प्रदर्शन के अनुसार कैंडिडेट होगा।

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जानिए, क्यों लगाया जाता है होली की भस्म को मस्तक पर… http://www.tarunmitra.in/archives/57668 Sun, 25 Feb 2018 08:51:57 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57668 Published at :25th February, 2018, 2:21 PM

मस्तक पर हवन यज्ञ या पूजा की गई भस्म ही लगाई जाती है जब अग्नि में घी और अन्य औषधीय पदार्थ डाले जाते हैं। अगर इसे माथे पर लगाया जाए तो इससे बुद्धि बढ़ती है। अधिकतर लोग पूजा करने के बाद अपने मस्तक पर भस्म का तिलक लगाते हैं होली पर भी होलिका दहन के बाद जो भस्म वहां से लाई जाती है अधिकतर घरों में लोग उसका तिलक करते हैं। आखिर क्यों माथे पर भस्म लगाई जाती है।

भस्म में शरीर के अंदर स्थित दूषित द्रव्य सोख लेने की क्षमता होती है इस कारण शरीर के संधि कपाल छाती के दोनों हिस्से तथा पीठ आदि पर भस्म लेपन करने से कई तरह के चर्म रोग नहीं होते हैं।

होली की मस्ती: होली के दिन रंगों को लेकर बरतें ये सावधानियां…

शरीर पर भस्म लगाते समय पारंपरिक विविध मंत्रों का उच्चारण भी किया जाता है भस्म हाथ पर लेकर थोड़ा गीला करके तर्जनी मध्यमा और अनामिका अंगुलियों से लगाएं यो तीनों अगुंलियां पितृ आत्म और देव तीर्थों के रूप में मानी गई हैं।

अगले दिन होली की राख को तॉबे या चॉदी के ताबीज में भरकर काले धागे में बॉधकर गले में धारण करने से कभी भी नजर दोष नहीं लगता है। होली राख को चांदी के ताबीज में भर कर गलें में धारण करने से तांत्रिक प्रभाव निष्क्रिय हो जाएगा।

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होली की मस्ती: होली के दिन रंगों को लेकर बरतें ये सावधानियां… http://www.tarunmitra.in/archives/57665 Sun, 25 Feb 2018 08:40:25 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57665 Published at :25th February, 2018, 2:10 PM


सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन की मानें तो होली खेलने से पहले कुछ सामान्य उपायों पर अमल करके इन दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। रंग-गुलाल के बिना होली की कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन रंग गुलाल और डाई कई बार त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में दिग्गज

रंगों के रासायन नुकसानदेह- रंग-गुलाल में माइका व सीसा जैसे हानिकारक रसायनिक पदार्थ हो सकते हैं इनसे त्वचा में जलन पैदा होती है साथ ही ये खोपड़ी पर जमा भी हो जाते हैं। हानिकारक रसायनयुक्त रंग-गुलाल आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

त्वचा पर सनस्क्रीन लगाएं- होली खेलने से 20 मिनट पहले सभी खुले अंगों की त्वचा पर सनस्क्रीन का लेप लगाएं। बेहद शुष्क त्वचा है तो पहले सनस्क्रीन लगाएं फिर कुछ देर बाद मॉइश्चराइजर लगाएं।

होली की मस्ती: इन प्राकृतिक रंगों से खेलें होली, महक उठेगा तन-मन…

बालों के लिए हेयर सीरम -होली खेलने से पहले सिर में बालों पर हेयर सीरम या कंडीशनर का उपयोग करें इससे गुलाल से होने वाले सूखेपन और धूप से होने वाले नुकसान से बचाव होगा।

नारियल तेल की मालिश- बालों पर थोड़ी सी हेयर क्रीम या शुद्ध नारियल तेल की मालिश कर सकते हैं। यह रासायनिक रंगों से बालों को होने वाले नुकसान से बचाने में सहायक होगा।

नाखून पर वार्निश लगाएं -रंगों से नाखूनों को बचाने के लिए उन पर नेल वार्निश की मालिश करनी चाहिए। इससे होली खेलने के बाद नाखूनों पर जमे रंगों को आसानी से हटा सकते हैं।

शरीर से रासायनिक रंगों को हटाने में तिल के तेल की मालिश उपयोगी होती है। इससे रंग आसानी से हट जाएंगे और त्वचा को अतिरिक्त सुरक्षा भी मिलेगी। पहले चेहरे को बार-बार साफ पानी से धोएं। इसके बाद क्लीजिंग क्रीम या लोशन का लेप करें। कुछ समय बाद चेहरे को गीले कॉटन वूल से साफ करें। रंग लगे बालों को पहले कई बार सादे ताजे पानी से धोएं। इसके बाद हल्का हर्बल शैंपू लगाकर उन्हें पानी से धोएं।

घरेलू क्लीनजर -त्वचा को साफ करने के लिए घरेलू क्लीनजर का इस्तेमाल भी सकते है। इसके लिए आधा कप ठंडे दूध में तिल, सूर्यमुखी या जैतून का तेल मिलाएं। कॉटन वूल पैड को इस मिश्रण में डुबोकर त्वचा को हल्के हल्के साफ करें।

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होली की मस्ती: इन प्राकृतिक रंगों से खेलें होली, महक उठेगा तन-मन… http://www.tarunmitra.in/archives/57662 Sun, 25 Feb 2018 08:34:23 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57662 Published at :25th February, 2018, 2:04 PM


होली की मस्ती बरकरार रखनी है तो हर्बल रंग बरसाएं। इससे तन-मन दोनों महक उठेगा। रासायनिक रंगों से होली खेलने पर कभी-कभी लंबे समय तक इलाज कराना पड़ता है। कुछ लोगों की त्वचा पर जिंदगीभर के लिए दाग बन जाते हैं।

इन वजह से होती डिप्रेशन की समस्या, आपके लिए जानना ब​हुत जरूरी…

होली के लिए रंगों का बाजार सज रहा है। हर बार की तरह इस बार भी अधिकतर दुकानों पर केमिकल रंगों की ही भरमार है जबकि प्राकृतिक या हर्बल रंग चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध हैं। हर्बल रंग महंगे तो हैं लेकिन इनके फायदे भी बहुत हैं। इन प्राकृतिक रंगों से त्वचा मुलायम बनी रहेगी और सौन्दर्य में भी निखार आता है। प्राकृतिक रंगों में चंदन गेंदा टेसू, गुलाब व अन्य तमाम फूलों की खुशबू भी आएगी। इन फूलों से ही हर्बल रंग तैयार किए जाते हैं। फूलों से बने रंग जिस पर पड़ेगा वह निहाल हो जाएगा। उसको सुखद खुशबू को एहसास होगा।

हर्बल रंग से भीगने पर शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होगा। होली खेलने के बाद इन रंगों को छुड़ाने में कोई मशक्कत भी नहीं करनी पड़ती, बस एक बार साबुन या शैंपू लगाया और रंग साफ।
काल्विन अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. शक्ति बसु कहते हैं कि प्राकृतिक रंग से त्वचा मुलायम हो जाती है। इन रंगों के जरिए विभिन्न फूलों व वनस्पतियों का तेल भी त्वचा को मिलता है जो कि त्वचा के लिए बहुत ही लाभदायक है। रासायनिक रंग से भीगना कभी-कभी इतना महंगा पड़ जाता है कि जिंदगीभर पछताना पड़ता है। मन भी उचाट हो जाता है। इसलिए प्राकृतिक रंगों से होली खेलिए इससे तन-मन दोनों महक उठेगा।

जानें, फूलगोभी के फायदे स्वास्थ के लिए बहुत लाभदायक…

घर पर भी तैयार कर सकते हैं हर्बल रंग
नारंगी रंग बनाने के लिए रात भर मेहंदी की पत्तियों को पानी में भिगों दें, सुबह होली खेलें।
गहरा गुलाबी रंग बनाने के लिए चुकंदर को पानी में उबाल लें रंग तैयार हो जाएगा।
लाल रंग के फूलों को रात भर पानी में भिगों दे तो पानी का रंग हल्का पीला हो जाएगा।
ब्लूबेरी के रस से नीला रंग तैयार किया जा सकता है।
सूखे लाल चंदन को लाल गुलाल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। लाल रंग का यह पाउडर त्वचा के लिए लाभकारी है।
सिन्दूरिया के बीजों को पीस कर गाढ़ा लाल रंग बनाया जा सकता है।

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इन वजह से होती डिप्रेशन की समस्या, आपके लिए जानना ब​हुत जरूरी… http://www.tarunmitra.in/archives/57659 Sun, 25 Feb 2018 08:26:52 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57659 Published at :25th February, 2018, 1:56 PM

कहा जाता है कि एक उदास मन वास्तव में एक केमिकल असंतुलन का नतीजा है लेकिन एक उदास मन निश्चित रूप से अधिक जटिल है इसके लिए अन्य संभावित कारण हैं जिसमें कुछ सीधे मस्तिष्क से संबंधित हो सकते हैं जबकि अन्य बाहरी घटनाएं हो सकती है डिप्रेशन होने की वजह कोई एक कारण नहीं है फिर भी डिप्रेशन के कारणों में बायोकेमिकल आनुवांशिकता वातावरण और मनोवैज्ञानिक जैसी कई घटना शामिल होती है शोध के अनुसार डिप्रेशन एक मस्तिष्क विकार है। जो प्रकृति में अस्थायी होती है मस्तिष्क जांचने वाली तकनीक बताती है कि डिप्रेशन और तनाव से पीड़ित लोगों के दिमाग उन लोगों से अलग होते हैं जो इस बीमारी से पीड़ित नहीं होते हैं इसके अलावा मस्तिष्क की कोशिकाएं जिन जरूरी न्यूरो ट्रांसमीटर केमिकल का उपयोग संवाद के लिए करती हैं वह असंतुलित पाए जाते हैं लेकिन यह ज्ञात नहीं हो पाता कि डिप्रेशन क्यों उत्पन्न हुआ है तो चलिए हम बताते हैं कि डिप्रेशन किन-किन कारणों से होता है।

जानें, फूलगोभी के फायदे स्वास्थ के लिए बहुत लाभदायक…

हार्मोनल परिवर्तन से होता डिप्रेशन
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां ऐसी होती है जो मानव शरीर में हार्मोनल संतुलन को बदल सकती है और इससे उस व्यक्ति के मूड को प्रभावित कर सकता है हाइपोथायराइड के बहुत मरीजों में डिप्रेशन होता है यहां तक की युवावस्था में जो हार्मोनल परिवर्तन के दौरान भी डिप्रेशन हो सकता है अगर इन स्थितियों में समय अच्छी तरह से इलाज किया जाए तो डिप्रेशन से छुटकारा मिल जाता है।

अनुवांशिक हो सकता है डिप्रेशन
अगर परिवार में डिप्रेशन की समस्या चलती आ रही है तो यह अनुवांशिक भी हो सकता है हालांकि डिप्रेशन के शिकार वह लोग भी हो सकते हैं जिनेक परिवार का कोई सदस्य डिप्रेशन से पीड़ित नहीं हैं अनुवांशिकता पर हुए शोध इस बात का इशारा करते हैं कि अनुवांशिकता अन्य घटकों के साथ जुड़कर डिप्रेशन के खतरे को और भी बढ़ा देते हैं।

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जीवन की घटनाएं डिप्रेशन की बड़ी वजह
जीवन में कई ऐसे पड़ाव आते हैं जैसे मानसिक आघात कटु अनुभव सदमा किसी करीबी रिश्तेदार की मृत्यु एक तनावयुक्त संबंध या कोई तनावदायक स्थिति डिप्रेशन का कारण बन सकते हैं इसके अलावा तलाक ब्रेकअप या पूनर्विवाह जैसे अन्य घटनाओं से डिप्रेशन हो सकता है यह भी संभव है कि जब कभी आप निराशा के बारे में सोचते हैं तो ऐसा हो सकता है।

मौसम भी है डिप्रेशन की वजह
डिप्रेशन कई बार मौसम से भी हो सकता है ऐसा इसलिए कि दिन के समय मस्तिष्क के न्यरोट्रांसमीटर के उत्पादन को प्रभावित कर सकता इसलिए आपको गर्मी के महीनों के दौरान काफी सावधानियां बरतनी चाहिए मैलेटोनिन और सेरोटोनिन जैसे न्यरोट्रांसमीटर मनुष्य की नींद औ जागने का चक्र मूड को विनियमित करने में मदद करता है सर्दियों के दिनों में दिन कम होते हैं और रातें अधिक होती हैं तो मैलेटोनिन के स्तर में वृद्धि हो सकती है यह परिवर्तन डिप्रेशन का कारण बन सकता है।

कैसे डिप्रेशन से बचें
डिप्रेशन से बचने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करने और अच्छी तरह खाना खाने की जरूरत होती है एक स्वस्थ्य जीवन का नेतृत्व करने के बाद यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप डिप्रेशन के समय उससे लड़ सकते हैं क्यों कि आप खराब जीवन शैली को आगे बढ़कर डिप्रेशन से नहीं लड़ सकते हैं।

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जानें, फूलगोभी के फायदे स्वास्थ के लिए बहुत लाभदायक… http://www.tarunmitra.in/archives/57656 Sun, 25 Feb 2018 08:16:16 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57656 Published at :25th February, 2018, 1:46 PM


आलू-गोभी की सब्जी बहुत ही लोकप्रिय है जिसे हर कोई आसानी से बना लेता है आज तक आपने बिना सोचे-समझे फूलगोभी की सब्जी खाई लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि यह स्वास्थ के लिए कितनी लाभदायक होती है
फूलगोभी एक ऐसी सब्जी है जिसे हर भारतीय खाने में पसंद करते हैं फूलगोभी से आप अलग-अलग तरह की सब्जियां बना सकते हैं यह आसानी से उपलब्ध है और इसे बनाना भी बेहद आसान है।
फूलगोभी में कई पोषक तत्व होते हैं जो आपके शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं फूलगोभी में कैल्शियम फास्फोरस प्रोटीन कार्बोहाइड्रे, विटामिन आयोडिन, पोटैशियम समेत कई पोषक तत्व होते हैं फूलगोभी एक ऐसी सब्जी है जो आपको एकसाथ इतने सारे पोषक तत्व प्रदान करती है।

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खून साफ करती है
फूलगोभी आपके ब्लड को साफ रखती है और चर्म रोग से बचाती है ब्लड साफ करने के लिए कच्ची गोभी या इसके जूस का सेवन किया जा सकता है।

जोड़ों की दर्द कम करती है
अगर आपके जोड़ों में दर्द है तो फूलगोभी बहुत फायदेमंद है गठिया या हड्डियों में दर्द रहने पर आप गोभी और गाजर का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पिएं लगातार कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से आपको बहुत फायदा मिलेगा।

पेट दर्द सही करने में कारगर
अगर आप पेट दर्द की समस्या से परेशान हैं तो फूलगोभी तुरंत असर दिखाती है फूलगोभी को फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है फाइबर डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त करने में मदद करता है साथ ही शरीर से गंदगी को दूर करता है फूलगोभी में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो पेट के अल्सर और पेट के कैंसर को होने से रोकता है।

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखती है
फूलगोभी कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखती है फूलगोभी में मौजूद फाइबर और ओमेगा-3 एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायता करता है स्टडी में पाया गया है कि यह आपके वजन को भी कंट्रोल करती है।

प्रेग्नेंसी के दौरान फूलगोभी का सेवन लाभदायक
डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान फूलगोभी खाने की सलाह देते हैं फूलगोभी गर्भाशय के बच्चे को विकास में मदद करती है।

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आधार लिंक नहीं करने से बढ़ सकती मुसीबत, फंस जाएंगे बीमा और पीएफ के पैसे… http://www.tarunmitra.in/archives/57653 Sun, 25 Feb 2018 08:04:06 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57653 Published at :25th February, 2018, 1:34 PM


दिल्ली। डिजिटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ाते हुए सरकार ने 139 सेवाओं से आधार लिंक का सर्कुलर बीते दिसंबर में जारी किया था। जिसमें इन सर्विसिस में आधार लिंक करने के लिए 31 मार्च 2018 तक की समय सीमा तय की थी। योजनाओं में आधार से लिंक करने का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।सरकारी सेवाओं और योजनाओं में 31 मार्च 2018 तक आधार लिंक नहीं करने से आपकी मुसीबतें बढ़ सकती हैं। 31 मार्च के बाद आपका मोबाइल नंबर बैंक खाता जीवन बीमा या मेडिक्लेम पॉलिसी रसोई गैस नंबर आदि आधार कार्ड से लिंक न होने पर ये सर्विसिस बंद हो सकती हैं।

यह व्यक्ति की पहचान का मामला
यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण से बात की तो उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले और सर्कुलर जारी करने की जिम्मेदारी संबंधित मंत्रालय विभाग और राज्यों की है। 31 मार्च के बाद का भी फैसला यही संस्थाएं करेंगी। गौरतलब है कि आधार लिंक करने मामले सिर्फ वित्तीय सेवाओं से जुड़ा नहीं है यह व्यक्ति की पहचान का मामला है।

इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री की जिम्मेदारी संभाल रहे कैबिनेट मंत्री रविशंकर प्रसाद से जब हमने बात करनी चाही तो उन्होंने यह कहकर अपना आधिकारिक बयान देने से मना कर दिया कि आधार कार्ड से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।

रुक सकती है इलाज में मिलने वाली आर्थिक मदद
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मरीजों को कहा जाता है कि कैंसर-डायलिसिस और गंभीर बीमारी योजना में आर्थिक मदद लेने के लिए आधार लिंक करवाएं। 31 मार्च के बाद भी कोशिश रहेगी कि यह नियम लागू रहे।

आधार लिंक न होने पर इनकी आर्थिक मदद रोकी जा सकती है। लेकिन इलाज फिर भी नहीं रुकेगा। जब इन योजनाओं को आधार से लिंक कर दिया जाएगा तो बकाया पूरी राशि मरीजों को दे दी जाएगी। वहीं एलआईसी के अधिकारियों ने बताया कि अगर अंतिम तारीख तक आधार लिंक नहीं कराया तो पॉलिसी से संबंधित सेवा प्रभावित होगी।

मोबाइल नंबर: टोल फ्री नंबर से करें लिंक
टेलीकॉम कंपनियों ने आधार को प्री पेड मोबाइल से लिंक करने के लिए 14546 टोल फ्री नंबर जारी किया है। यहां नंबर नाम जन्मतिथि जैसी जानकारियां देनी होंगी। फिर ओटीपी मांगा जाएगा जो 30 मिनट के लिए मान्य होगा। इसे डालने के बाद आधार लिंक हो जाएगा।

वहीं पोस्ट पेड यूजर्स को सर्विस प्रोवाइडर के पास जाना होगा वहां आपके आधार व फिंगरप्रिंट के जरिए मोबाइल नंबर का वेरिफिकेशन होगा। ऐसा नहीं किया तो 31 मार्च के बाद नंबर बंद हो सकता है।

बैंक अकॉउंट: ऑनलाइन कर सकते हैं लिंक
बैंक जाकर खाते की जानकारी और आधार कार्ड की कॉपी देकर लिंक करा सकते हैं। ऑनलाइन भी लिंक कर सकते हैं। स्टेट बैंक के कस्टमर्स आधार नंबर और खाता संख्या लिखकर 567676 पर मैसेज कर सकते हैं। वहीं एसबीआई समेत कुछ बैंक एटीएम के माध्यम से भी आधार कार्ड लिंक करने की सुविधा दे रहे हैं।

इसके लिए एटीएम में कार्ड स्वाइप कर अपना पिन डालें और फिर सर्विस रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन सिलेक्ट करें। इस मेन्यू में आधार कार्ड रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन सिलेक्ट करें।

रसोई गैस: बुकिंग वाला नंबर डायल करें
इसके लिए आप या तो संबंधित गैस डीलर के पास जाकर आधार नंबर की कॉपी दे सकते हैं नहीं तो बेहतर है कि आप जिस तरह मोबाइल से रसोई गैस की बुकिंग करते हैं उस कंपनी का बुकिंग नंबर डायल करें उसमें आधार से लिंक करने का भी विकल्प पूछा जाता है इसे फॉलो कर आप अपने आधार कार्ड को लिंक कर सकते हैं।

यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको कनेक्शन पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाएगा। कनेक्शन भी ब्लॉक हो सकता है।

बीमा: सिर्फ पॉलिसी नंबर जन्मतिथि बतानी होगी
बीमा योजना की वेबसाइट पर जाकर आधार लिंक करें। कंपनी के सर्विस डिपार्टमेंट में जाकर भी यह काम करा सकते हैं। ज्यादातर मामलों में सिर्फ अपना पॉलिसी नंबर और जन्मतिथि देनी होगी। वेरिफिकेशन हो जाएगा। एलआईसी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस आईसीआईसीआई प्रूडेंशल लाइफ इंश्योरेंस और मैक्स लाइफ इंश्योंरेंस ऑनलाइन लिंकिंग सेवा दे रहे हैं।

म्युचुअल फंड: सभी फंड जोड़ने होंगे
म्युचुअल फंड में अगर आप इन्वेस्ट कर रहे हैं तो आप जिस भी फंड हाउस से म्युचुअल फंड ले रहे हैं उसे आधार से लिंक करना होगा। अगर आपके पास एक से अधिक फंड हाउस के म्युचुअल फंड हैं तो आपको एक से अधिक फंड हाउस को आधार से लिंक करना होगा।

पैन कार्ड: इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाएं
पैन कार्ड को लिंक करने के लिए आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाना होगा। पैन और आधार कार्ड डिटेल्स को सबमिट करें और ऑथेंटिकेशन प्रॉसेस को पूरा करें। इसके लिए जो आपके रिटर्न भरते हैं उन सीए या कर सलाहकार को बोलना अधिक आसान होगा वह इसे आसानी से पूरा कर देंगे।

ड्राइविंग लाइसेंस: पुराने मान्य, रिन्यू में जरूरी
परिवहन विभाग में बिना आधार अपडेट के केवल पुराने लाइसेंस मान्य होंगे लेकिन इनको रिन्यू करने के लिए आधार कार्ड देना जरूरी कर दिया गया है। नया लाइसेंस बनाने में तो आधार कार्ड लगेगा ही। इसी तरह नए और पुराने वाहन खरीदी पर भी आधार कार्ड देना जरूरी होगा।

डेबिट/ क्रेडिट कार्ड: कस्टमर केयर पर कॉल करें
क्रेडिट और डेबिट कार्ड लिंक करने के लिए संबंधित बैंक की कस्टमर केयर सर्विस का लाभ ले सकते हैं। वह आपकी जानकारी का वेरिफिकेशन कर आधार नंबर की जानकारी लेंगे और इसे लिंक करेंगे। संबंधित कार्ड ‌जारी करने वाले बैंक शाखा में जाकर वहां भी प्रक्रिया कर सकते हैं। नहीं तो बाद में कार्ड ब्लॉक हो सकता है।

पीएफ: वेबसाइट पर ऑनलाइन लिंक करें
पीएफ को आधार से जोड़ने के लिए पीएफ की वेबसाइट पर जाएं। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और पासवर्ड से लॉगइन करें। मांगी गई जानकारियां देकर आधार लिंक करें। पोस्टऑफिस द्वारा चल रही विविध योजनाओं को भी आधार से लिंक कराना है। यहां खाता या पॉलिसी संयुक्त नाम पर है तो दोनों के आधार नंबर लगेंगे।

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मई से एक सेकेंड में डाउनलोड होंगी ऐसे मूवी! http://www.tarunmitra.in/archives/57650 Sun, 25 Feb 2018 07:50:11 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57650 Published at :25th February, 2018, 1:20 PM


नई दिल्ली। केबल, डिश और इंटरनेट के तारों से भी आपको छुटकारा मिल सकता है यह सब हकीकत में बदलेगा जीसैट-11 के लॉन्चिंग से इस सैटेलाइट को फ्रांस की स्पेस एजेंसी एरियन लॉन्च करेगी। भारत में जब 3G के बाद 4G आया तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा हो भी क्यों न लोगों को पहले से ज्यादा तेज इंटरनेट स्पीड जो मिली लेकिन अब इस साल मई से भारत में संचार की दुनिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है इस बदलाव के होने के बाद आप एक सेकेंड में एक-एक GB की तीन फिल्में डाउनलोड कर सकेंगे।

अहमदाबाद स्पेस ऐप्लिकेशन सेंटर में तैयार हुआ
इसका वजन 5700 किलो है इसका विकास इसरो के अहमदाबाद स्थित स्पेस ऐप्लिकेशन सेंटर ने किया है यह भारत का अब तक का सबसे वजनी सैटेलाइट है इस वजन के सैटेलाइट को लॉन्च करने की क्षमता न होने के कारण इसे छोड़ने के लिए इसरो ने एरियन से करार किया है इसकी कामयाब लॉन्चिंग के बाद भारत के पास खुद का सैटेलाइ बेस्ड इंटरनेट भी हो जाएगा इससे हमारी इंटरनेट स्पीड भी बढ़ जाएगी।

इस सैटलाइट की मदद से डेटा भेजे जाने की रफ्तार 14 GB प्रति सेकंड हो जाएगी अभी देश में डाटा का संचार कुछ MB प्रति सेकंड की रफ्तार से होता है इसकी मदद से देश के किसी भी कोने में इंटरनेट का इस्तेमाल करना आसान हो जाएगा टीवी या इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए इसके सिग्नल्स को एक डोंगल की मदद से हासिल किया जा सकेगा जीसैट-11 प्रोग्राम को 2009 में सरकार की ओर से मंजूरी दी गई थी।

दरअसल यह इसरो के इंटरनेट बेस्ड सैटेलाइट सीरीज का हिस्सा है इसका मकसद इंटरनेट स्पीड को बढ़ाना है इसके तहत अंतरिक्ष में 18 महीने में तीन सैटेलाइट भेजे जाने हैं पहला सैटेलाइट जीसैट-19 बीते साल जून में भेजा जा चुका है जीसैट-11 को जल्द लॉन्च करने की तैयारी है इसके बाद जीसैट-20 को साल के आखिरी तक भेजने की योजना है ये तीनों मल्टीपल स्पॉट बीम टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे।

इस क्लब से हमें बेहतर इंटरनेट स्पीड मिलेगी इंटनेट कनेक्टिवटी सस्ती होगी इसकी पहुंच पूरे देश तक होगी इसके तहत बिना डिश लगाए टीवी प्रोग्राम देखे जा सकेंगे इससे स्मार्टफोन की भी दुनिया बदल जाएगी यह स्मार्ट सिटी के लिए जरूरी ट्रांसमिशन जितनी स्पीड है इससे साइबर सुरक्षा मजबूत होगी बैंकिंग सिस्टम को मजबूती मिलेगी।

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साइलेंट हार्ट अटैक ये संकेत, ऐसे करें बचाव… http://www.tarunmitra.in/archives/57647 Sun, 25 Feb 2018 07:34:43 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57647 Published at :25th February, 2018, 1:04 PM


एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट मुम्बई के मेडिकल अफेयर्स और क्रिटिकल केयर के डायरेक्टर डॉ. विजय डी.सिल्वा का कहना है कि कई बार हार्ट डिजीज नहीं होने पर भी साइलेंट हार्ट अटैक हो सकता है। बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी हमारे बीच नहीं रहीं। दुबई में दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने से 54 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। हार्ट अटैक के मामलों में लगभग 45% मामले साइलेंट हार्ट अटैक के होते हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में साइलेंट हार्ट अटैक के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।

पहली नौकरी लगे तो पैसा बचाना शुरू कर दें, जानें क्यों…

क्या होता है साइलेंट हार्ट अटैक?
साइलेंट हार्ट अटैक को साइलेंट मायोकार्डियल इन्फ्रेक्शन silent myocardial infarction (SMI) कहा जाता है। इसमें किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक होने पर सीने में दर्द महसूस नहीं होता इससे हार्ट अटैक का पता नहीं चल पाता। हालांकि कुछ दूसरे सिम्प्टम्स महसूस होते हैं।

क्यों पता नहीं चलता है हार्ट अटैक के दर्द का?
कई बार ब्रेन तक दर्द का अहसास पहुंचाने वाली नसों या स्पाइनल कॉर्ड में प्रॉब्लम के कारण या फिर साइकोलॉजिकल कारणों से व्यक्ति दर्द की पहचान नहीं कर पाता। इसके अलावा ज्यादा उम्र वाले या डायबिटीज के पेशेंट्स में ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी के कारण भी दर्द का अहसास नहीं होता है।

साइलेंट हार्टअटैक के 5 सिम्प्टम
गैस्ट्रिक प्रॉब्लम पेट की खराबी
बिना वजह सुस्ती और कमजोरी
थोड़ी सी मेहनत में थकान लगना
अचानक ठंडा पसीना आना
बार-बार सांस फूलना

साइलेंट हार्ट अटैक के 5 कारण
ज्यादा ऑयली फैटी और प्रोसेस्ड फूड
फिजिकल एक्टिविटी न करना
शराब और सिगरेट पीना
डायबिटीज और मोटापा
स्ट्रेस और टेंशन

साइलेंट हार्ट अटैक से बचाव के 5 उपाय
डाइट में सलाद वेजिटेबल्स ज्यादा शामिल करें।
रेग्युलर वॉक एक्सरसाइज योगासन करें।
सिगरेट शराब जैसे नशे से दूर रहें।
खुश रहें। स्ट्रेस और टेंशन से बचें।
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LIVE: श्रीदेवी का पार्थिव शरीर लाने के लिए रवाना होगा प्राइवेट जेट… http://www.tarunmitra.in/archives/57644 Sun, 25 Feb 2018 07:21:46 +0000 http://www.tarunmitra.in/?p=57644 Published at :25th February, 2018, 12:51 PM

श्रीदेवी का पार्थिक शरीर लाने के लिए मुंबई से एक प्राइवेट जेट दुबई रवाना किया जाएगा वहां श्रीदेवी के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम करने के बाद कुछ औपचारिकताओं को पूरा कर कपूर परिवार जेट से मुंबई लौटेगा प्राइवेट जेट 8 बजे के करीब मुंबई लौटेगा। दुबई के अस्पताल में उनका पोस्टमॉर्टम जारी है इसके बाद उनका पार्थिव शरीर देर शाम मुंबई पहुंचेगा एक्ट्रेस के पार्थिव शरीर को प्राइवेट जेट से मुंबई लाया जाएगा मुंबई में एक्ट्रेस के घर के बाहर फैंस का जमावड़ा हैै।

जानें, श्रीदेवी का पूरा नाम उनकी ये खास बातें…

श्रीदेवी बेटी जाह्नवी की डेब्यू फिल्म धड़क नहीं देख पाईं ये फिल्म इसी साल जुलाई में रिलीज होने वाली है। बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा श्रीदेवी का 54 साल की उम्र में निधन हो गया है वे एक शादी समारोह में शामिल होने दुबई गई थीं वहां कार्डियक अरेस्ट आने से उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और फिर उनका निधन हो गया।

बोनी कपूर के भाई संजय कपूर ने दुबई में खलीज टाइम्स से बातचीत करते हुए कहा कि श्रीदेवी को हार्ट अटैक की खबर से वो अचंभित हैं उन्हें कभी हार्ट जैसी समस्या नहीं थी संजय ने बताया कि श्रीदेवी को दुबई के होटल में शाम 8 बजे हार्ट अटैक की शिकायत हुई। आज ही श्रीदेवी का अंतिम संस्कार होगा मुंबई पहुंचने पर उनका शव अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

दुबई में हो रही शादी समारोह में श्रीदेवी का पैर बाथरूम में फिसल गया था वहां वह अचेत हो गईं उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो वहां जाकर पता चला कि उन्हें हार्ट अटैक आया था और इस वजह से उनकी मौत हो गई।

अमिताभ बच्चन बोले- ‘अजीब सी घबराहट हो रही है’, जानें क्यों…

दुबई में मौजूद भारतीय राजदूत नवदीप सूरी ने कहा है कि वे स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को भारत भेजने में हर संभव मदद की जाएगी।

अमिताभ ने श्रीदेवी की मौत से पहले ही एक ट्वीट किया था जो वायरल हो गया है अमिताभ ने लिखा था कि घबराहट सी हो रही है। श्रीदेवी के साथ उनके पति बॉनी कपूर और बेटी खुशी भी दुबई में मौजूद थे वो परिवार के साथ एक रिश्तेदार के शादी समारोह में शिरकत करने पहुंची थीं।

चार दशकों तक सिल्वर स्क्रीन पर चांदनी बिखेरनी वाली श्रीदेवी ने हाल ही में मॉम फिल्म में अहम रोल निभाया था इससे पहले इंग्लिश विंग्लिश मूवी में कमबैक कर उन्होंने पर्दे पर जबरदस्त वापसी की थी श्रीदेवी के साथ खुदा गवाह, मिस्टर इंडिया और चांदनी जैसी बड़ी सुपरहिट फिल्मों के नाम भी जुड़े हैं। इसके अलावा हिम्मतवाला तोहफा नगीना औलाद हीर रांझा रूप की रानी चोरों का राजा लाडला जुदाई जैसी यादगार फिल्मों में भी अभिनय दिखाया।

13 अगस्त 1965 को तमिलनाडु के शिवकासी में पैदा हुईं बचपन से ही उन्होंने एक्टिंग शुरू कर दी चार साल की उम्र में 1967 में श्रीदेवी ने तमिल फिल्म मुरुगा में बतौर चाइल्ड एक्टर अपना अभिनय दिखाया इसके बाद 1975 में बॉलीवुड फिल्म जूली में बतौर चाइल्ड एक्टर काम किया।

इस बेहद खूबसूरत अदाकारा के जाने से पूरे बॉलीवुड में गम का माहौल है अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा से लेकर सुष्मिता सेन तक तमाम एक्टर एक्ट्रेस और डायरेक्टर-प्रोड्यूसरों ने श्रीदेवी की मौत की खबर पर दुख जाहिर किया।

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