मेडिकल कॉलेज टीम द्वारा कौशल विकास केन्द्र का होगा संचालन

उरई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्राल भारत सरकर की विशेषज्ञ दल के सर्वेक्षण एवं निष्कर्ष के अनुसार आकस्मिकता एवं आपदा की परिस्थितियों मे बहुत से लोगो को बचाये जाने की स्थिति के बावजूद मौत का शिकार होना पड़ता है। यथा समय व्यक्ति को स्वास्थ्य केन्द्रध्चिकित्सालय मे न पहुंच पाना, चिकित्सालय मे कुशल चिकित्सको, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध न होना प्रमुख कारण है। अप्रभावी विधि तंत्र, चिकित्सालय व्यवस्था का असमन्वयवन एवं अपर्याप्त सुविधाजनक चिकित्सालय कार्य पद्यति प्रमुख कारणो मे एक है।
मुख्यालय लखनऊ मे दिनांक 9 अप्रैल 2018 को प्रधानाचार्य डा.सुरेश चन्द्र प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की हुयी बैठक मे केन्द्र सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड मे स्थापित राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन मे इस योजना हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस केन्द्र की स्थापना से जनपद जालौन एवं समीपस्थ बुन्देलखण्ड के जनपद के लोगो एवं मरीजो को बहुत बड़ी सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। इस केन्द्र पर आकस्मिक दुर्घटना चोट आदि, रक्त निकलने आकस्मिक श्वसन से जटिलता वाले मरीजो स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस केन्द्र पर आकस्मिक चिकित्सीय सेवाओं हेतु मानव संसाधन का विकसित तो किया जायेगा ही साथ ही लोगों एवं मरीजो को चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस आकस्मिक एवं आपदा कौशल केन्द्र हेतु भारत सरकार द्वारा संसाधन, उपकरण, फर्नीचर एवं कार्मिक केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। जिसकी प्रबंधन व्यवस्था एवं क्रियान्वयन प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन एवं उनकी टीम द्वारा संचालित किया जायेगा।
प्रधानाचार्य डा.सुरेश चन्द्र एवं उनकी टीम द्वारा किये इस सफल प्रयास से मेडिकल कॉलेज कार्मिको एवं स्थानीय जनता मे उत्साह एवं प्रसन्नता है। स्थानीय स्तर पर इसका संचालन प्रधानाचार्य की अध्यक्षता मे डा.संजीव गुप्ता, डा.मनोज वर्मा, डा.जितेन्द्र मिश्रा, डा.माशूक सिद्दीकी एवं डा.बलराम के सहयोग से संचालित किया जायेगा।

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