नये आदेश से बीएड-बीटीसी डिग्रीधारक आमने सामने

मथुरा। बीएड डिग्रीधरकों को प्राथमिक विद्यालयों में समायोजन योग्य माने जाने के आदेश के बाद बीटीसी डिग्रीधारक सड़क पर उतर आये हैं। प्रदेश में पांच लाख से अधिक बीटीसी डिग्री धारक हैं, जिन्हें प्राथमिक विद्यालयों में ही नौकरी मिल सकती है। ये डिग्रीधारक इस आदेश को अपने हक पर डाका मान रहे हैं और सरकार के इस फैसले के विरोध में आंदोलित हैं। बीटीसी डिग्रीधारकों ने बुधवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ज्ञापन सौंपा और सरकार के इस फैसले की खुलकर आलोचना की।
बीटीसी डिग्रीधरकों ने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार रोजगार देने में नाकाम रही है। बेकाबू होती बेरोजगारी से नये संघर्ष की शुरूआत हो रही है। अभी तक आरक्षण और छात्रहित के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरते रहे छात्र अब अपनी डिग्री से मिलने वाली नौकरी को बचाने के लिए आंदोलन को सड़क पर उतर रहे हैं।

यह है आदेश
28 जून को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्ष परिषद ने नियमों में संशोधन करते हुए प्राथमिक विद्यालयों में दो वर्षीय डिप्लोमाधारी को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता देने का नियम बनाया है। इसके बाद बीएड डिग्रीधारकों के प्राथमिक विद्यालयों में समायोजन का रास्ता साफ हो गया। बीएड डिग्री धारकों ने इस आदेश के बाद राहत की सांस ली है तो बीटीसी डिग्री धारक परेशान हैं।
वर्जन
हम यहां सभी प्रशिक्षु इस लिए एकत्रित हुए हैं, सरकार ने 28 जून को बीएड के छात्रों को प्राथमिक विद्यालयों में सम्मलित करने का प्रावधान किया है। पहले से ही 5 लाख से अधिक बीटीसी प्रशिक्षु प्रदेश में हैं, ऐसे में बीएड के छात्रों को प्राथमिक विद्यालयों में लाने की सरकार को क्या जरूरत पड़ गई, किसी भी हालत में हम अन्याय नहीं सहेंगे, जरूरत पड़ी तो लखनऊ में बड़ा आंदोलन करेंगे।
विष्णु कुमार, जिलाध्यक्ष संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा बीटीसी

=>
loading...
WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
E-Paper