अध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने गोली मारकर की खुदकुशी

इंदौर। अध्यात्मिक गुरु (उदय सिंह देखमुख) भय्यूजी महाराज ने आज मंगलवार को अपने को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। उन्हें इंदौर के बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि वहां पहुंचने से आधा घंटे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है। मामले की जांच कर रही है। घटना की सूचना फैलते ही सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक अस्पताल पहुंच गए। मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ महीने पहले ही उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा देन की पेशकश की थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था।

हाईप्रोफाइल लोगों से रहा है नाता
भय्यूजी महाराज चर्चा में तब आए जब अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अपना दूत बनाकर भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था।
पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यूजी महाराज आमंत्रित किया था। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी उनके आश्रम आ चुके हैं।

कौन हैं भय्यूजी महाराज
1968 को जन्में भय्यूजी महाराज का असली नाम उदय सिंह देखमुख है। वे मध्य प्रदेश के शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते है। कभी कपड़ों के एक ब्रांड के लिए ऐड के लिए मॉडलिंग कर चुके भय्यूजी महाराज अब गृहस्थ हैं। सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनके ही देखरेख में चलता है।
– उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर है। उनकी पत्नी माधवी का दो साल पहले निधन हो चुका है। पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो पुणे में रहकर पढ़ाई कर रही है। उन्होंने 30 अप्रैल 2017 को एमपी के शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ दूसरी शादी की। वे मर्सिडीज जैसी महंगी गाड़ियों में चलने वाले भय्यूजी रोलेक्स ब्रांड की घड़ी पहनते हैं और आलीशान बिल्डिंग में रहते हैं।

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