वीडियो एडिटिंग में है करियर के कई विकल्प

नई दिल्ली :आज के दौर में बडी तेजी से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लोग आगे की तरफ बड़ा रहे है इससे देखने से लगता है कि वीडियो एडिटिंग करियर के लिए एक बढ़िया विकल्प सभी के ​लिए एक साबित हो रहा है। लगातार बढ़ते टीवी चैनलों और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के चलते इस फील्ड में
वीडियो एडिटर की बेहद तेजी से मांग बढ़ रही है। इस फील्ड में लोगो को एक अच्छे पैकेज पर युवाओं को जॉब के अच्छे ऑफर हो रहे हैं साथ् ही साथ करियर में तेजी से नई ऊंचाई की तरफ भी पहुंचा जा सकता है। बात ये है कि किसी भी फिल्म या टीवी प्रोग्राम की कल्पना वीडियो एडिटर्स के बिना संभव नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक भविष्य में एक लाख से अधिक ऐसे प्रशिक्षित वीडियो एडिटर्स की मांग होगी जिन्हें बाजार की डिमांड के मुताबिक एडिटिंग साफ्टवेयर में महारत हासिल हो।

नॉन-लीनियर एडिटर
नॉन लीनियर एडिटिंग टेक्नीकल वर्क है। इसके अंतर्गत एडिटिंग के कॉन्सेप्ट और उससे जुड़ी चीजों के बारे में विस्तार से बताया जाता है। फुटेज की कैप्चरिंग, फुटेज को एडिट करने से लेकर किन विजुअल्स को कहां फिट करना है, म्यूजिक और साउंड को किस तरह मिक्स करना है, ये काम नॉन-लीनियर एडिटिंग में माहिर एडिटर्स ही कर सकते हैं।

नेचर ऑफ वर्क
वीडियो एडिटर्स पहले लीनियर तकनीक के जरिए काम करते थे। अब वे नॉन-लीनियर एडिटिंग के द्वारा काम करते हैं। एक कैमरामैन जिन विजुअल्स को घंटों मेहनत करने के बाद शूट करता है, उन विजुअल्स की एडिटिंग अब कंप्यूटराइज्ड सॉफ्टवेयर की मदद से कुछ ही देर में पूरी कर ली जाती है और इसे अंजाम देता है नॉन-लीनियर एडिटिंग में माहिर वीडियो एडिटर।

कौन-कौन से कोर्स
सर्टिफिकेट कोर्स इन नॉन-लीनियर एडिटिंग, डिप्लोमा इन वीडियो एडिटिंग एंड साउंड रिकॉर्डिंग और डिप्लोमा इन पोस्ट प्रोडक्शन, वीडियो एडिटिंग ये तीन तरह के कोर्स होते हैं, जो तीन महीने से ले कर तीन साल तक के हैं। आप शार्प माइंड हैं तो डेढ़ से तीन महीने के शॉर्ट टर्म कोर्स भी उपलब्ध हैं। ये कोर्स करके आप वीडियो एडिटर के रूप में सफल हो सकते हैं।

शैक्षणिक योग्यता
इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए यूं तो 12वीं के बाद ही रास्ते खुल जाते हैं लेकिन डिग्री और डिप्लोमा के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएट होना जरूरी है। इसमें
शॉर्ट टर्म कोर्स भी उपलब्ध हैं। अगर किसी चैनल में नौकरी पाना चाहते हैं, तो ग्रेजुएट होना जरूरी है। शैक्षणिक योग्यता से ज्यादा इस क्षेत्र में प्रैक्टिकल अनुभव होना ज्यादा जरूरी है।

व्यक्तिगत योग्यता
एक सफल वीडियो एडिटर बनने के लिए आपको मेहनती होने के साथ-साथ ‘इमेजनरी’ होना चाहिए, ताकि सीन की जरूरत को समझते हुए उपयुक्त साउंड की मिक्सिंग की जा सके। इसके अलावा लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लगातार अपडेट रहने की भी जरूरत होती है। दूसरों को ध्यान से सुनने और टीम के बीच काम करने का गुण सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अवसर एवं संभावनाएं
वीडियो एडिटिंग का कोर्स पूरा करने के बाद आप न्यूज एंटरटेनमेंट चैनल्स, प्रोडक्शन हाऊस, वेब डिजाइनिंग कंपनी, म्यूजिक वर्ल्ड(फीचर एवं विज्ञापन फिल्में) और बीपीओ आदि में काम कर सकते हैं। इस क्षेत्र में फ्रीलांसर्स के लिए भी काफी विकल्प हैं। पोस्ट प्रोडक्शन स्टूडियो, टेलीविजन कंपनियों आदि में शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रेक्ट पर भी काम किया जा सकता है। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन के डायरेक्टर के मुताबिक जो लोग क्रिएटिव नेचर के हैं और जो शूट किए सीन्स की विभिन्न सॉफ्टवेयर्स की मदद से इफेक्टिव एडिटिंग करने में रूचि रखते हैं, उनके लिए नॉन-लीनियर एडिटिंग का प्रोफेशन बेहद चमकदार है। एंटरटेनमेंट एवं मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े इस प्रोफेशन में पैसा भी है और रोजगार के अवसर भी। न्यूज/एंटरटेनमेंट चैनल्स, म्यूजिक वल्र्ड, ग्लैमर वल्र्ड, यानी फीचर व विज्ञापन एजेंसी, फिल्म/टीवी में रोजगार के भरपूर मौके हैं।

प्रशिक्षण केंद्र
आईआईएमसी, जेएनयू न्यू कैंपस, नई दिल्ली
सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली

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