श्रीलंका टीम हारने के कगार पर, शुरु किया ड्रामा, विराट ने कहा खेल कर दिखा दूंगा

नई दिल्ली। फिरोजशाह कोटला मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच जारी तीसरे टेस्ट मैच का दूसरा दिन प्रदूषण के चलते विवादों में आ गया। दिन के दूसरे सत्र में पांच से ज्यादा श्रीलंकाई खिलाड़ी प्रदूषण के कारण मैदान पर मास्क पहन कर उतरे। दिन का खेल खत्‍म होने के बाद भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने सख्‍त लहजे में इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा, “मुझे लगता है कि विराट (कोहली) ने दो दिन के करीब बल्लेबाजी की। उसे मास्क की जरूरत नहीं पड़ी। हमारा ध्यान इस पर था कि हमें क्या करना है और क्या हासिल करना है। हालात दोनों टीमों के लिए समान थे इसलिए हम इसे लेकर परेशान नहीं हैं।” मैच जारी रखने को लेकर विरोधी टीम के खिलाडियों के संभावित विरोध पर भारतीय कोच ने कहा, “यह मैच रैफरी का काम है। यह खिलाड़ियों का काम नहीं है कि वे विरोध करें। जब गैरजरूरी तरीके से खेल रोका गया हम खेल जारी रखना चाहते थे क्योंकि हमारा ध्यान अच्छा प्रदर्शन करके मैच जीतने पर है। (भारत के मुख्य कोच) रवि (शास्त्री) का कहना साफ था कि मैच को जारी रखिये।

यह पूछने पर कि क्या मैच जारी रखने के लिए भारत को पारी घोषित करने को बाध्य होना पड़ा। भरत ने इससे इनकार करते हुए कहा, “हमारी नजरें 550 रन के स्कोर पर थी और हम इसके काफी करीब थे इसलिए हमने पारी घोषित कर दी।” श्रीलंका ने दावा किया कि गमागे और लकमल के अलावा धनंजय डिसिल्वा को भी उलटी हो रही थी जिससे उन्हें परेशानी हुई। इस बारे में पूछने पर भरत ने कहा, “हमारा ध्यान इस पर है कि हमें क्या करना है। मुझे लगता है कि हमें यह सोचने की जरूरत नहीं है कि विरोधी टीम क्या करती है। अपने खिलाड़ियों को फिट रखना उनकी समस्या है।”

दूसरे सत्र में 123वें ओवर में भारत जब पांच विकेट खोकर 509 रनों पर था तभी श्रीलंकाई गेंदबाज लाहिरू गमागे को सांस लेने में परेशानी हुई और खेल रोका गया। इसी बीच श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने खराब वातावरण की शिकायत मैदानी अंपायरों से की, जिसके कारण तकरीबन 15 मिनट का खेल रुका। मैच दोबारा शुरू हुआ और पहली ही गेंद पर रविंचद्रन अश्विन (4) का विकेट गिरा। गमागे इसके बाद मैदान से बाहर चले गए। इसी बीच कप्तान कोहली भी अपने टेस्ट करियर के सर्वश्रेष्ठ स्कोर 243 रनों पर लक्षण संदकाना की गेंद पगबाधा करार दे दिए गए। कोहली के जाने के बाद एक बार फिर खेल रुका। 127वें ओवर में श्रीलंका के टीम मैनेजर असंका गुरुसिंहा मैदानी अंपायरों से कुछ शिकायत करने लगे। उनके जाने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने मैदान पर कदम रखा और मैदानी अंपायरों से बात की।

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