कभी ‘पत्रकार’ तो कभी ‘विधायक’, पकड़े जाने पर कहा, दरोगा जी वसुलवाते हैं

लखनऊ। अवैध वसूली के विरोध में ई रिक्शा चालक को पीटकर नगदी लूटने वालो पर आखिरकार जानकीपुरम पुलिस ने एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार की फटकार के बाद मामला दर्ज करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

अन्य आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस उनके ठिकाने पर दबिश दी जा रही है। विदित हो इसी मामले को लेकर ही आरोपित ने एक विधायक बनकर फर्जी कॉल करके एक पत्रकार को घर से उठा लेने की धमकी भी दी थी। इंस्पेक्टर अरुण के मुताबिक बीती 12 तारीख को जानकीपुरम के अभषेक पुरम निवासी राजकुमार ने तहरीर देते हुए बताया था कि वह ई रिक्शा चालक है।

रात तकरीबन 10 बजे वह घर जा रहा था कि नौवाखेड़ा के रहने वाले प्रताप, मनोज व उनके दो अज्ञात साथियो ने उसको रोक लिया और अवैध वसूली की मांग की। राजकुमार ने विरोध किया तो गुंडों ने उसको पीटना शुरू कर दिया और दिन भर की कमाई एक हजार रुपये लूट लिए। पीड़ित के मुताबिक आरोपितों ने भवानी बाजार व एकेटीयू पर अवैध वसूली का अड्डा बना रखा है।

आते जाते ई रिक्शा चालकों से और यही नही दौड़ा दौड़ा कर भी वसूली करते है। आरोप है कि पूर्व में रिक्शा चालक टिंकू, विजय, अनूप, राजू, शाहिल व बन्ने खां समेत आधा दर्जन लोगों ने भी कई शिकायतें पुलिस से की थी लेकिन पुलिस ने इलाके के वसूली माफियाओं पर रहमो करम बना रखा था। राजकुमार की तहरीर को दबाए बैठे दारोगा नंदलाल की करतूत का जब एएसपी टीजी हरेंद्र कुमार को भनक लगी तो उन्होंने फटकार लगाते हुए कार्रवाई का आदेश दिया था जिसके बाद जानकीपुरम पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज करते हुए प्रताप को गिरफ्तार कर लिया है।

दारोगा पर वसूली करवाने का आरोप
गिरफ्त में आये आरोपी प्रताप ने जानकीपुरम पुलिस पर ही वसूली करवाने का आरोप लगाया। प्रताप ने बताया कि दारोगा नंदलाल व दो सिपाहियों के इशारे पर ही वह वसूली करता था और इसके एवज में वह दारोगा नंदलाल को पंद्रह सौ रुपये भी देता था। प्रताप का कहना है कि अब उसने पुलिस को पैसा देना बंद कर दिया था इसीलिए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया वरना इससे पहले कई शिकायतें हुई लेकिन मुकदमा दर्ज नही हुआ था। आपको बता दें की दारोगा नंदलाल पर पहले भी जमीनी मामलों में रिश्वतखोरी जैसे आरोप लग चुके है। हाल में ही ट्रेक्टर चालक से वसूली मांगने के आरोप में नंदलाल का ट्रांसफर भी हो चुका है लेकिन पहुंच के बलबूते वह जानकीपुरम में ही टिका है।

 

विधायक बन दी थी पत्रकार को धमकी
आरोपित प्रताप के बारे मे इलाकाई लोगो ने बताया कि वह खुद को पत्रकार बताता है। लोगो की माने तो प्रताप कई कथित पत्रकरो संग मिलकर इलाके में वसूली का पर्याय बन चुका था। कथित पत्रकरो के संरक्षण में प्रताप ने वसूली के पैर माड़ियांव,जानकीपुरम समेत कई इलाकों में फैला रखे थे। थाने पर आने वाले पीड़ितों से वसूली भी प्रताप जमकर करता था। बताया जा रहा है कि ई रिक्शा चालक की मदद करने वाले एक पत्रकार को कथित पत्रकार व लूट के आरोपी प्रताप ने फर्जी विधायक बनकर धमकी भी दिलवाई और घर से उठाकर जान से मारने की धमकी दी। फोन पर कहा गया कि कंप्लेन वापस दिलवा लो नही तो आगे का खुद सोच लो। यह सारी धमकी देने के लिए सत्ता विपक्ष के एक विधायक का नाम यूज किया गया। वही जब उन विधायक जी से बात की गई तो उन्होंने ऐसी कोई धमकी देने की बात को सिरे से खारिज कर दिया तो प्रताप का झूठ सामने आ गया। जिस नंबर से पत्रकार को धमकी मिली वो किसीं सुनील नाम के शख्स का नंबर है जिसकी तलाश में पुलिस दबिश देने में जुटी है।

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