पति ने 7 माह की गर्भवती पत्नी के पेट पर मारी लात, बच्चे की मौत

कानपुर। यूपी के कानपुर जिले में एक महिला ने अपने ही पति पर पेट में लात मारने से गर्भपात होने का आरोप लगाया है। महिला पति के खिलाफ बर्रा थाने में तहरीर देने पहुंची लेकिन पुलिस ने उसकी तहरीर नहीं ली और ढाई घंटे से वह थानाध्यक्ष के कार्यालय में पड़े सोफे पर लेटी रही। इस दौरान पुलिस ने उसे थाने से भगाने का भी प्रयास किया लेकिन महिला अपनी जिद पर अड़ी रही कि पति को उनके किये सजा दिला कर रहूंगी।

पुलिस ने समझौता कराकर भेजा था घर
बर्रा थाना क्षेत्र के बर्रा 8 में रहने वाले सुरेश शर्मा के मझले बेटे सुमित शर्मा की शादी अंजली शर्मा से 16 अप्रैल 2017 को हुई थी। सुमित के परिवार में बड़े भाई अमित शर्मा भाभी छोटे भाई अनुज के साथ रहता है। अंजली का मायका बिधनू थाना क्षेत्र के गंगागंज में है। परिवार में पिता हरिशंकर, माँ बबिता भाई पवन के साथ रहते हैं। अंजली ने बताया कि जब से शादी हुई है मेरे ससुराल पक्ष से सभी लोग दहेज़ के लिए मेरा उत्पीडन करते थे। मेरे पति मेरे साथ आयदिन मारपीट करते हैं, पति को भड़काने का काम मेरे जेठ और उनकी पत्नी और देवर करता है। इसके बाद पति जमकर पिटाई करता है। जब मैंने यह बात अपने मायके पक्ष को बताया तो उन्होंने इसका विरोध किया। मेरे ससुर, पति व जेठ ने उन्हें घर से गाली-गलौज कर के भगा दिया था। इसके बाद मैंने 30 जुलाई 2017 को बर्रा थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने समझौता करा दिया था और मुझे ससुराल भेज दिया गया था।

गर्भ में सड़ गया मरा हुआ बच्चा
अंजली ने बताया कि 29 अक्टूबर 2017 को रोजाना की तरह मेरे माता पिता को गालियां दे रहे थे। जब इसका विरोध किया तो जेठ, जेठानी और देवर अनुज मुझे पीटने लगे। इसके बाद मेरे पति आये और उन्होंने मेरे पेट में लात मार दी मैं 7 माह के गर्भ से थी। इसके बाद मेरी हालत बिगड़ गई मेरे ससुरालवालों ने मुझे सर्वोदय नगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन मेरी देख रेख नहीं की लगातार लगभग 20 दिनों तक मै मै उस अस्पताल में भर्ती रही। इसके बाद मेरे मायके वालों ने मुझे दूसरे हास्पिटल में भर्ती कराया। यहां डाक्टरों ने बताया कि बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी है, इसके बाद डाक्टरों ने डिलीवरी कराई। जिसमें मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ जो सड चुका था। अंजली ने बताया कि मेरे बच्चे की गर्भ में हत्या हुई है। इसके जिम्मेदार मेरे पति है व ससुराल पक्ष के लोग हैं।

ससुराल वाले घर छोड़कर फरार
अंजलि ने बताया कि इस घटना के बाद से ससुराल पक्ष के लोग फरार हैं। किसी तरह मैं आज थाने आई हूँ और इनके खिलाफ तहरीर देकर सबक सिखाउंगी। वहीं अंजली के पिता ने बताया कि बेटी को अस्पताल में छोड़ कर ससुराल पक्ष के लोग भाग गए। हम लोग नहीं होते तो उसकी अस्पताल में ही मौत हो जाती। जब से बेटी की शादी की है उसका जीना मुस्किल कर दिया है। बड़े ही अरमानों से बेटी की शादी की थी कि वह खुश रहेगी। वहीं पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। मिडिया में मामला आने के बाद अब पुलिस ने आनन-फानन में मामले का संज्ञान लिया।

चचेरे ससुर ने बहू के साथ किया दुष्कर्म, पुलिस नहीं दर्ज कर रही केस
अमेठी: यूपी के अमेठी जिले में ससुर औऱ बहू का पिता और बेटी जैसा पवित्र रिश्ता शर्मसार हो गया। यहां कलयुगी ससुर ने इस रिश्ते को शर्मसार करते हुए अपनी ही बहू को अपने हवस का शिकार बना डाला। दरअसल, अमेठी जिले के शुकुलबाज़ार थाना क्षेत्र में पति के घर पर मौजूद नहीं रहने पर चचेरे ससुर पर अपनी ही बहू के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है।

ताजा मामला शुकुलबाज़ार थानांतर्गत एक गाँव का है। यहां की निवासी एक महिला अपने मजदूर पति व चचेरे ससुर के साथ उत्तराखंड के देहरादून में एक ही मकान में रह कर जीवन यापन कर रही थी। महिला के अनुसार महिला का पति जरूरी काम के चलते देहरादून से अपने गॉव शुकुलबाज़ार चला आया। इसके बाद कलयुगी चचेरे ससुर ने मौका पाकर घर में अकेली रह रही पुत्रवधू के साथ दुष्कर्म कर डाला। पीड़ित महिला लोक लाज और भगवान की दुहाई देती रही पर चचेरे ससुर ने एक न सुनी। पीड़िता ने बताया कि जब पति के शहर वापस आने पर ससुर द्वारा किये गए। इस कुकृत्य जानकारी दी और पति ने ससुर से पूछताछ किया, तो ससुर ने पति के साथ गाली गालौज कर जान से मार देने की धमकी देकर पति पत्नी को घर से निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता पति के साथ गांव चली आयी और शुकुलबाज़ार थाने में तहरीर दिया।

पीड़िता ने पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का हाल किसी से छिपा नहीं है। यहां की कानून-व्यवस्था खराब होने के पीछे एक वजह खाकी भी है जो पीड़ितों को और पीड़ित करती है। थानों और चौकियों में रिश्वत और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। भ्रष्टाचार का आलम यह है दुष्कर्म जैसे कुकृत्य का मामला भी पुलिस दर्ज नहीं करती। यही देखिए जब इस घटना के बाद पीड़ित महिला अपने पति के साथ तहरीर लेकर थाने पहुंची। पुलिस ने पीड़ित दम्पति से पूछताछ भी की। लेकिन पीड़िता महिला ने शुकुलबाज़ार पुलिस पर आरोप लगाया कि इन सबके बाद भी पुलिस लिखने को तैयार नहीं। पीड़िता को सुबह से बुलाकर थाने में बैठा लिया जाता। दिनभर थाने में बैठाने के बाद उन्हें शाम को घर भेज दिया जाता है।

इसकी टोपी उसके सर, बढ़ रही वारदात
दिल्ली के निर्भयाकांड के बाद यौन अपराधों को गंभीरता से लेने की वकालत जोर शोर से उठी थी। कानूनों में बदलाव कर दुष्कर्म पीड़िताओं जल्‍द न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया था। लेकिन अमेठी की इस पीड़िता के साथ प्रसाशन ने जो सलूक कर रही है वह कानून-व्यवस्था के रखवालों की नियत पर गंभीर सवाल खड़ा दिया है। वहीं दूसरी ओर शुकुलबाज़ार पुलिस इस घटना को उत्तराखण्ड में घटित बताकर खुद कार्रवाई करने से बचती हैं। इससे ऐसे कुकृत्य को अंजाम देने वाले बेखौफ होकर मौज काट रहे हैं।

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