प्रद्युम्न हत्याकांड में कंडक्टर अशोक को मिली जमानत

गुरुग्राम। प्रद्युम्न हत्याकांड में एसआईटी द्वारा गिरफ्तार बस कंडक्टर की जमानत की अर्जी पर आज विशेष अदालत में सुनवाई करते हुए जमानत दे दी गई।

जमानत पर अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट में न केवल आरोपी कंडक्टर अशोक और सीबीआई के वकील रहें, बल्कि प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर के वकील भी मौजूद रहें।

इस हत्या के बाद गुरुग्राम पुलिस द्वारा गठित एसआईटी ने बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था। हालांकि परिवार के विरोध के बाद हरियाणा सरकार ने सीबीआई को जांच सौंपी थी, जिसके बाद सीबीआई ने स्कूल के ग्यारहवीं क्लास के छात्र को हत्या का आरोपी बताते हुए गिरफ्तार किया था।

इसके बाद ही कंडक्टर अशोक की तरफ से जमानत की अर्जी लगाई गई थी। इस मामले में 16 सितंबर को कोर्ट में बहस हुई थी, लेकिन कोर्ट ने जमानत पर फैसला नहीं सुनाया। अब एक बार फिर सोमवार को बहस होने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया गया था, जो आज जमानत के तौर पर मिला।

कानून के जानकारों का मानना है कि सोमवार को भी अशोक को जमानत मिलना मुश्किल , क्योंकि छात्र के खिलाफ चार्जशीट पेश करने से पहले सीबीआई अशोक को क्लीन चिट देने को तैयार नहीं। इससे साफ है कि सीबीआइ फिलहाल द्वंद की स्थिति में है। यही नहीं, प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर की ओर से अदालत में पक्ष रखने वाले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल भी फिलहाल जमानत का विरोध कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि चार्जशीट दाखिल होने तक अशोक को जमानत नहीं मिलनी चाहिए।

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