सेक्स रैकेट चलाने वालों से मंगवाते थे लड़की, पुलिस वाले बन कर लड़की समेत पैसा भी लूट लेते

 

लखनऊ। राजधानी लखनऊ की चिनहट पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सेक्स रैकेट स्कार्ट सर्विस मुहैया कराने वाले लोगों के नंबर हासिल कर उन्हें धोखे से बुलाकर उनका अपहरण कर खुद को दिल्ली और बिहार पुलिस का बताकर मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस ने सरगना सहित दो आरोपियों को पकड़कर इनके पास से हथकड़ी, बिहार पुलिस का बैच, पुलिस कलर रिबन, हैण्डसेट, दो तमंचा व घटना में इस्तेमाल कार बरामद किया है। जबकि इनका एक साथी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। इस गुडवर्क पर एडीजी ने पुलिस टीम को 15 हजार रूपये का इनाम देने की घोषणा की है।

बिहार के रहने वाले हैं आरोपी
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स के नेतृत्व में इंस्पेक्टर चिनहट रवीन्द्र नाथ राय व सर्विलांस सेल प्रभारी बलवन्त शाही की टीम ने सोमवार को कमता तिराहे के पास से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने अपना नाम बिहार राज्य के गौरीचक थाना क्षेत्र स्थित तारनपुर निवासी अनिल कुमार सिंह व राहुल सिन्हा उर्फ राहुल आनन्द बताया। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपित शातिर किस्म के अपराधी हैं। बीते 11 अक्टूबर को सुषमा अस्पताल के पास नीरज कुमार नाम के युवक को अगवा कर लिया तथा उसे छोडऩे के लिए नीरज के एटीएम कार्ड से एक लाख की नकदी वसूले थे। पीड़ित की तहरीर पर चिनहट पुलिस रिपोर्ट दर्ज की थी।

युवक को आठवीं मंजिल से धक्का देकर मारा था
एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स के मुताबिक, अभियुक्त अनिल कुमार उर्फ अमित ने पटना के चर्चित व्हाईट हाउस हत्याकांड में सुरेश महतो नाम के शख्स को आठवीं मंजिल से धक्का देकर मारडाला थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस की अन्तर्राष्ट्रीय सेल ने वर्ष 2007 में करनाल से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपित राहुल ने बताया कि अनिल और उसकी मुलाकत वेउर जेल में हुई थी। राहुल सिंह नई दिल्ली के कल्यानपुर थाना व गुडग़ांव में कई सनसनखेज वारदात को अंजाम दे चुका है। यही नहीं एसएसपी की मानें तो राहुल पर बिहार पुलिस द्वारा क्राइम कन्ट्रोल एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर चुकी है। चार साल की सजा भी काट कर वर्ष 2015 में रिहा हुआ था। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि इनका तार यूपी बिहार के अलावा उड़ीसा व दिल्ली तक जुड़ा हुआ है।

इंटरनेट के जरिये हासिल करते थे ब्रोकर न नंबर
एसएसपी ने बताया कि दरअसल गिरफ्तार बदमाश इंटरनेट के माध्यम से देह व्यापार के गोरखधंधे से जुड़े ब्रोकर का नंबर हासिल कर लेते थे। ब्रोकर का नंबर मिलने के बाद गिरफ्तार बदमाश उक्त नंबर पर सम्पर्क कर ब्रोकर को लड़की लाने के लिए कहते थे। बाद में ब्रोकर जब बदमाशों पास लड़की लेकर पहुँचता था। तब यह उनका अपहरण कर लेते थे और खुद को बिहार पुलिस का बताकर उनसे धनउगाही करते थे। लोक लाज के डर से पीड़ित पुलिस से शिकायत भी नहीं करते थे और इस तरह से बदमाश बिना पकड़े जाने के डर से इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे थे।

रकम न मिलने पर जान तक ले लेते थे आरोपी
एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह लोकल स्तर पर ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर स्कार्ट सर्विस उपलब्ध का लालच देकर अपने चंगुल में फंसाकर अगवा कर लेते थे। अगर रकम मिली तो छोड़ देते थे नहीं मिली तो उनकी जान भी ले लेते थे। सीओ गोमतीनगर दीपक सिंह ने बताया कि पकड़ा गया अनिल बीते वर्ष 2016 में जेल से छुटकर आया और अपने साथ राहुल व फरार अमित के साथ मिलकर स्कार्ट सर्विस कॉल गर्ल मुहैया कराने वाले ब्रोकर का मोबाइल नंबर गूगल से सर्च कर उनसे मिलने के नाम तीनों स्कार्टस व ब्रोकर को अगवा कर अपने आप को दिल्ली व बिहार का पुलिस बताकर उनसे मोटी रकम ऐंठने के बाद स्कार्टस के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें छोड़ देते और फरार हो जाते थे। ये ऐसी घटना है कि इससे पीडि़त व्यक्ति पुलिस तक बात पहुंचाने में हिचकिचाता है।

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