अब देश के हेलिकॉप्टर पायलेटों को प्रशिक्षण के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, शुरू होगा कोर्स

देश में हेलिकॉप्टरों के लिए कमर्शियल पायलट तैयार करने का पहला कोर्स अगले साल जनवरी में शुरू होगा। सरकारी हेलिकॉप्टर सेवा प्रदाता कंपनी पवनहंस लिमिटेड और विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) मिलकर यह पाठ्यक्रम शुरू कर रही हैं।

पवनहंस के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बी.पी. शर्मा ने बताया कि पहला पाठ्यक्रम अगले साल जनवरी में शुरू होगा। इसमें प्रशिक्षुओं को क्लासरूम की पढ़ाई के साथ दिल्ली के रोहिणी स्थित देश के एक मात्र हेलिपोर्ट पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

थल सेना वायु सेना और नौसेना से सेवानिवृत्त पायलटों के साथ उसके कुछ पायलट तटरक्षक बल से भी हैं। वहीं निजी कंपनियाँ सेना से रिटायर पायलटों के साथ विदेशों में प्रशिक्षित पायलटों की भी भर्ती करती हैं। यह पहली बार है जब देश में हेलिकॉप्टर के कमर्शियल पायलट तैयार करने के लिए कोई पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

साथ ही बेंगलुरु स्थित एचएएल में उन्हें हेलिकॉप्टर के तकनीकी पक्षों से भी रू-ब-रू कराया जाएगा। पवनहंस अपने पायलटों के लिए पूरी तरह सेना से सेवानिवृत्त पायलटों पर निर्भर है।

पवनहंस तथा निजी कंपनियों को मिलाकर इस समय देश में करीब 280 हेलिकॉप्टर हैं। शर्मा ने बताया कि पहले बैच में 20 सीटें होंगी और इसके लिए 120 आवेदन आ चुके हैं।

उन्होंने बताया कि इस कोर्स के लिए काफी मांग है। साथ ही क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान के मद्देनजर देश में हेलिकॉप्टरों की संख्या भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में बड़ी संख्या में हेलिकॉप्टर पायलटों की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में कोर्स में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

=>
loading...
E-Paper