प्रेमी युगल आत्महत्या मामले में परिजन नहीं आ रहे सामने

फिरोजाबाद। थाना नगला सिंघी क्षेत्र अन्तर्गत मंगलवार शाम राजधानी एक्सप्रेस के सामने छलांग लगाकर जिस प्रेमी युगल जोड़े ने आत्महत्या की थी, उनके शवों की पहचान करने सामाजिक बदनामी की वजह से परिजन सामने नहीं आ रहे हैं। 24 घंण्टे बाद भी दोनों के शव अपनों के इंतजार में विच्छेदन गृह में पड़े हैं।

बता दें कि मंगलवार को डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस जैसे ही थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव लतीफपुर व बनकट के बीच स्थित खंबा नंबर 1243 से गुजरी, तभी एक युवक व एक युवती ने छलांग लगा दी। इंजन से दोनों के चिथड़े उड़ने के साथ ही क्षत-विक्षत शव पटरी के इधर-उधर बिखर गए। ट्रेन चालक ने घटना की जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम को दी।

ट्रैक के किनारे दो शव पड़े देख ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शवों की पहचान कराने का प्रयास किया तो दोनों के नामों की जानकारी विक्रम और रूबी के रूप में हुई। हालांकि युवक के हाथ पर विक्रम यादव भी लिखा हुआ था, लेकिन 24 घण्टे बीत जाने के बाद भी बुधवार शाम तक दोनों के परिवार से कोई जिला अस्पताल या पुलिस थाने में शवों की पहचान कर सुपुर्दगी के लिये नहीं पहुंचा।

माना जा रहा है कि एक ही गांव और एक ही जाति व दोनों के मध्य प्रेम सम्बंध होने के कारण दोनों के परिवारीजन सामाजिक बदनामी की वजह से सामने आने से कतरा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शवों को अज्ञात मानकर पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया जायेगा।

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