राष्ट्रपति चुनाव के दौरान फिर दिखा सपा परिवार का घमासान, अखिलेश अलग, शिवपाल मुलायम साथ 

नई दिल्ली। देश के 14 वे राष्ट्रपति के लिए आज वोटिंग शाम 5 बजे ख़त्म हो गयी है। इस चुनाव के दौरान एक बार फिर सपा परिवार में चल रहा घमासान सामने आ गया। शिवपाल-मुलायम जहाँ एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन करते हुए दिखे। वही अखिलेश और आजम खान मीरा कुमार के समर्थन में दिखे।
शिवपाल गुट का दावा है कि कई विधायकों ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ क्रॉस वोटिंग की है।

विधानसभा में वोटिंग के सपा नेता आजम खान ने कहा कि मीरा कुमार अच्छी नेता हैं। उनके पास एक अच्छा अतीत और एक स्पष्ट छवि हैं। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि सपा का वोटर क्रॉस वोटिंग नहीं करेगा और मीरा कुमार ये चुनाव जीतेंगी। सूत्रों के मुताबिक़ यूपी के 12 से 15 विधायकों ने क्रास वोटिंग की है। शिवपाल गुट का दावा है कि सपा के कुछ विधायक रामनाथ कोविंद के समर्थन में मतदान कर सकते हैं।
वही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भले ही मीरा कुमार का समर्थन कर रही हों लेकिन उनके पार्टी के 6 विधायकों ने त्रिपुरा में कोविंद के पक्ष में वोट डाला है।
कोविंद की जीत पक्की
आंकड़ों के मुताबिक़ एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की दावेदारी ज्यादा मजबूत है और माना ये जा रहा है कि रामनाथ कोविंद की जीत पक्की है। क्योंकि उन्हें एनडीए के अलावा जेडीयू और बीजू जनता दल (बीजेडी) जैसे विपक्षी दलों का भी समर्थन हासिल है।
 यहां जेडीयू के पास निर्वाचक मंडल का कुल 1.91 फीसदी वोट है। जबकि बीजेडी के पास 2.99 फीसदी वोट है। साथ ही तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस के पास 2 प्रतिशत, एआईएडीएमके का एक गुट (5.39 %) और वाईएसआर कांग्रेस (1.53%) ने भी कोविंद के पक्ष में मतदान करने की घोषणा की है।
बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में हर सांसद के वोट का वैल्यू 708 है, जबकि विधायकों के वोटों का मूल्य उनके राज्यों की आबादी के अनुसार होगा। जैसे उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का वैल्यू 208, जबकि अरुणाचल जैसे कम आबादी वाले राज्य के विधायक के वोट का मूल्य 8 बैठता है। ऐसे में कोविंद को निर्वाचक मंडल के कुल 10,98,903 मतों में से 63 फीसदी से ज्यादा मत मिलने की संभावना है।
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